प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के धाकड धामी ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में जिस तरह से कांग्रेस को किसी भी मुद्दे पर उभरने देने से पीछे धकेल रखा है उससे कांग्रेस राज्य के अन्दर अभी भी भाजपा को किसी भी मुद्दे पर ललकारने के लिए सडकों पर दिखाई नहीं दे रही है? वहीं बागेश्वर के उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को एक बडा झटका देते हुए कांग्रेसी नेता व पूर्व विधानसभा चुनाव प्रत्याशी रहे रणजीत दास को भाजपा की सदस्यता दिलाकर अपने इरादे साफ कर दिये कि वह बागेश्वर उपचुनाव में अभूतपूर्व जीत का परचम लहरायेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य की जनता अब धाकड धामी के नाम से उन्हें पुकारने लगी है और मुख्यमंत्री ने भी राज्य के अन्दर वर्षों से चली आ रही पुरानी परिपार्टी को बदलते हुए राज्य के अन्दर पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ सरकार चलाने का जो मिशन शुरू किया है वह उत्तराखण्ड के अन्दर एक नया आयाम पैदा करता हुआ दिखाई दे रहा है। उत्तराखण्ड की जनता अब यह स्वीकार कर चुकी है कि पुष्कर सिंह धामी राजनीति के एक धुरंदर राजनेता हैं जो कांग्रेस को कोई भी मौका सरकार को घेरने के लिए नहीं दे रहे हैं। किसी भी हादसे से लेकर आपदा में खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मोर्चा संभालते हुए नजर आते हैं और यही कारण है कि उन्होंने कांग्रेस के अन्दर अपनी राजनीति से हलचल मचा रखी है। धाकड धामी ने बागेश्वर में होने वाले उपचुनाव से पूर्व कांग्रेस की ओर से 2०22 में विधानसभा चुनाव प्रत्याशी रहे रणजीत दास को आज भाजपा की सदस्यता दिलाकर कांग्रेस को जोर का झटका धीरे से देकर अपनी कुशल राजनीति का प्रमाण दे दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि रणजीत दास को भाजपा में बडा सम्मान दिया जायेगा और बागेश्वर में होने वाले उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी अभूतपूर्व जीत हासिल करेगा।
वहीं भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए बागेश्वर से वर्ष 2०22 में चुनाव लड़े रंजीत दास ने आज कांग्रेस को एक बड़ा झटका देते हुए भाजपा में शामिल हो गये है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भटट व अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें पटका पहनाकर भाजपा की सदस्यता दिलाई और इस दौरान रंजीत दास ने कहा कि मेरे लिए सबसे बड़ा मेरा आत्म सम्मान है ओर आत्म सम्मान है और कांग्रेस के टिकट में चुनाव लडा और अब कांग्रेस में रहकर सम्मान को ठेस पहुंची और वह मुझे समझ नहीं आ रहा है और अब किस मुंह से वोट मांगेंगें। उन्होंने कहा कि राजनीति में पैसे होना ही सब कुछ नहीं है बल्कि आम आदमी पार्टी से चुनाव लडे थे तो पैसा था और व्यक्ति का व्यवहार व संस्कार मायने रखता है और यही जनता को स्वीकार भी है।
