देहरादून(नगर संवाददाता)। ईपीएस- 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति, उत्तराखण्ड सम्बद्ध ई.पी.एस.-95 निवृत्त कर्मचारी समन्वय एवं लोक कल्याण संस्था राष्ट्रीय संगठन से जुडे हुए पेंशनरों ने राजधानी में पेंशन में बढोत्तरी किये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया और राज्य एवं केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेंशनर्स जैसे ही हाथीबडकला पुलिस चौकी के पास पहुंचे तो पुलिस ने सभी को रोक लिया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक होने के बाद सभी वहीं पर धरने पर बैठ गये।
यहां समिति के अध्यक्ष सुरेश डंगवाल के नेतृत्व में पेंशनर्स परेड ग्राउंड में इकटठा हुए और वहां से पेंशन में बढ़ोत्तरी किये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया और राज्य एवं केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेंशनर्स जैसे ही हाथीबडकला पुलिस चौकी के पास पहुंचे तो पुलिस ने सभी को रोक लिया और इस दौरान प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक होने के बाद सभी वहीं पर धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार 1693 दिन से उनका आंदोलन चल रहा है लेकिन केन्द्र सरकार इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश के औद्योगिक, सार्वजनिक, सहकार, निजी क्षेत्रों से रिटायर्ड कर्मचारी यानी ईपीएस 95 पेंशनर्स, जिन्होंने अपनी सेवाकाल में देश के नवनिर्माण में अपना खून पसीना बहाकर देश को समृद्ध बनाया आज वही पेंशनर्स अत्यन्त कम पेंशन मिलने के कारण य मेडिकल सुविधा के अभाव में अत्यन्त दयनीय व मरणासन्न अवस्था में जीवन जी रहे है।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान में इस योजना के अन्तर्गत वृद्ध पेंशनर्स को औसत पेंशन दी जाती है वह मात्र 117० रूपये है और यह राशि इतनी कम है कि इसमें पति-पत्नी का जीवनयापन तो दूर इस वृद्धावस्था में इस राशि से औषधीय उपचार का खर्च भी पूरा नहीं होता है। इस योजना के अन्तर्गत जो अल्प पेंशन राशि तय की जाती है। वह पेंशन राशि आजीवन रहती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संगठन एनएसी ने पीडित ईपीएस-95 पेंशनर्स की आवाज को सरकार तक पहुँचाकर पेंशनर्स की उचित मांगों को मंजूर करवाने हेतु देशभर में पिछले छह वर्षों से तहसील स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर दिल्ली तक विभिन्न प्रकार के कई आदोलन किये। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि श्रम मंत्री की सलाह पर सभ्यता पर विश्वास रखकर देश के सभी आंदोलन वापस ले लिये गये थे। सिर्फ एनएसी के मुख्यालय बुलढाना, महाराष्ट्र में जिलाधिकारी कार्यालय के पास 24 दिसम्बर 2०18 से क्रमिक अनशन अनवरत रूप जारी है जिसे आज अनशन का 1693 वाँ दिन है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वहां पर पेंशनर्स अपनी मांग को लेकर आंदोलन पर डटे है।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व में हेमा मालिनी सांसद मथुरा की अगुवाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व एनएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमाण्डर आशोक रावत व प्रतिनिधि मंडल की बैठक सम्पन्न हुई, प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था लेकिन आज तक इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है और पेंशनर्स ने अविलंब केन्द्र सरकार से न्याय की मांग की है और केन्द्र सरकार की नीति से सभी पेंशनर्स आहत है। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया और शीघ्र ही कार्यवाही करने की मांग की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास कूच करने वालों में सुरेश डंगवाल, बी एस रावत, सुभाष शाह, दिनेश गुसांई, सत्य प्रकाश गोस्वामी, टी.एस. बिष्ट, संजीव डोमाल, प्रकाश चन्द बिजल्वाण, गणेश मलकानी, बलवीर सिंह रावत, जगत सिंह डोभाल सहित अनेकों पेशनर्स शामिल रहे।
