आपदा राहत कार्यों में लापरवाही कतई बरदाश्त नहीं होगी:डीएम

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उत्तरकाशी(चिरंजीव सेमवाल)। जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने रविवार को जिले में अतिवृष्टि के कारण प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की फीडबैक ली। उन्होंने प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों से निरंतर जुटे रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि बीते दिन जिले के अधिकारियों ने आपदा से निपटने में अच्छा काम किया है। आगे भी इसी तरह की टीम भावना और रिस्पांस को कायम रखा जाय। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आपदा राहत कार्यों तथा क्षतिग्रस्त परिसापंत्तियों के पुनर्निर्माण के काम में शिथिलता और लापरवाही कतई बरदाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान और राहत कार्यों की तहसीलवार स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रभावित घरों से मलवा हटाने और प्रभावितों को अहेतुक सहायता उपलब्ध कराने का काम आज ही पूरा हो जाना चाहिए। राहत कार्यों को और अधिक तेजी से संचालित करने हेतु जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र के सभी राजस्व कर्मचारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश देते हुए कहा कि खेती को हृुए नुकसान के मामलों में राहत राशि के वितरण भी जल्दी पूरा कर लिया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रभावितों की क्षति के आकलन की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करे। डुंडा और चिन्यालीसौड तहसील से संबंधित कुछ पिछले मामलों में लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि 48 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत न किए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने आराकोट-चींवा मोटर मार्ग को खोले जाने के काम को तेजी से संचालित किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि इस मार्ग को खुलने तक पीएमजीएसवाई के अधिशासी या सहायक अभियंता मौके पर ही तैनात रहेंगे। जिला अधिकारी के निर्देश पर रविवार को 2० दिनों से बंद आराकोट-चींवा मार्ग पर उपजिलाधिकारी पुरोला देवानंद शर्मा पहुंचे हैं। वहीं यमुनोत्री राजमार्ग को खोले जाने के लिए डाबरकोट में लगातार प्रयास करते रहने के निर्देश देते हुए कहा कि आपदा से बंद पड़ी सड़कों को खोले जाने के काम को तेजी से संपन्न किया जाय। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को आराकोट क्षेत्र में खाद्यान्न की आपूर्ति के संबंध में निर्देश देने के साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को हिदायत दी कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक रूप से चिकित्सा दल एवं दवाओं को भेजे जाने की व्यवस्था की जाय।
बैठक में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली एवं पेयजल लाईनों तथा क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों तथा संचार सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा कर जिलाधिकारी ने जरूरी हिदायतें जारी की। उन्होंने धौंतरी में स्वास्थ्य केन्द्र की सुरक्षा के उपाय किए जाने, पंचाणगांव में क्षतिग्रस्त सड़क का तंरुत पुनर्निर्माण किए जाने सहित धनारी एवं जखोल क्षेत्र में भी आपदा से हुए नुकसान से प्रभावितों को अविलंब अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी डुंडा मीनाक्षी पटवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरसीएस पंवार, मुख्य कृषि अधिकारी जे.पी.तिवारी अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रजनीश कुमार, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल मनोज गुसाईं, जिला पूर्ति अधिकारी संतोष कुमार भट्ट, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जबकि उप जिलाधिकारी पुरोला देवानन्द शर्मा, उप जिलाधिकारी बड़कोट जितेन्द्र कुमार सहित पुरोला एवं बडकोट में तैनात विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

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