यूकेडी पदाधिकारियों ने शीर्ष नेतृत्व की कार्य प्रणाली पर उठाये सवाल

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देहरादून(नगर संवाददाता)। उत्तराखंड क्रांति दल के निवर्तमान प्रवक्ता अनुपम खत्री ने कहा है कि आज के परिवेश में दल को बचाने की नितांत आवश्यकता है और इसके लिए दल को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दल का द्विवार्षिक महाधिवेशन 24-25 जुलाई को राज्य की अस्थाई राजधानी में ही होगा। इस अवसर पर उन्होंने शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाये है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ राज्य स्तर पर किीस भी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं किया जायेगा।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी एवं पर्यवेक्षकों की तैनाती कर दी ओर दून के सौ वार्डों सहित
प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया गया लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने एक कमरे में बैठकर द्विवार्षिक महाधिवेशन की तिथि को टाल कर 18-19 नवम्बर को करने का निर्णय ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने मनमाने ढंग से अधिवेशन को टाला है और जिससे सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता आहत हे और यह घोर अनुशासन है जो गुप्त रूप से निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह दल के विरोधी नहीं है बल्कि वह दल को मजबूत करने के लिए हर समय तैयार है और आज दल में बदलाव की जरूरत है ओर वह व अन्य लोग दल से किसी भी प्रकार की कोई बगावत नहीं कर रहे है।
इस अवसर पर श्रमिक प्रकोष्ठ के केन्द्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पंत ने कहा कि दल का 18-19 नवम्बर को महाअधिवेशन कराया जाना पूरी तरह से गलत है और वह भी अपना कैरियर दांव पर लगाकर दल के साथ जुडे और दल को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दल का महा अधिवेशन दून में निर्धारित तिथि को ही संपन्न होगा। इस अवसर पर दल के केन्द्रीय मीडिया प्रभारी ने कहा कि यूकेडी में किसी भी प्रकार का कोई परिवारवाद नहीं है और आज दल को बेहतर बनाने की जरूरत है और दल राज्य को बेहतर नेतृत्व दे सकता है लेकिन इसके लिए दल को पुरजोर तरीके से मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में यूकेडी और पूरे राज्य को बचाना जरूरी हो गया है। मृतप्राय दल को बचाने के लिए यूकेडी में शामिल हुए है और तभी से लेकर आज तक दल को बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व ने हमेशा छलने काकाम किया है और कांग्रेस से किसी भी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं किया जायेगा। इस अवसर पर वार्ता में उत्तरा बहुगुणा पंत, सरोजनी ईष्टवाल, अनुपम सती, पी एस कार्की, संजय डोभाल आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।

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