खनन माफियाओं का चलता है अपना कानून!

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। गजब बात है कि एक ओर तो सरकार माफियाओं को नेस्तनाबूत करने का संकल्प लेकर आगे बढ रही है और अवैध खनन करने वालों को सबक सिखाने का दम भरा जा रहा है लेकिन उसके बावजूद अस्थाई राजधानी के पछवादून के विकासनगर इलाके में खनन माफियाओं का अपना कानून आखिर किसके इशारे पर चल रहा है यह किसी रहस्य से कम नहीं है? सिस्टम दम भर रहा है कि खनन माफियाओं पर नकेल लगाने के लिए उनकी टीमें मैदान में जुटी हुई हैं लेकिन नवाबगढ में देर रात से सुबह तक नदियों का सीना खुलकर चीरा जा रहा है और वहां से आये दिन सैकडों ट्रैक्टर अवैध खनन के निकाले जा रहे हैं और सिस्टम घृतराष्ट्र बना हुआ है? खनन माफियाओं का सिंडिकेट बिना सिस्टम के इतना निडर नहीं हो सकता कि वह एक ही रात में सैकडों ट्रैक्टरों से अवैध खनन का खेल खेल सके? सवाल यह भी हो रहा है कि अगर सैकडों ट्रैक्टर अवैध खनन के निकल रहे हैं तो फिर उनसे अवैध वसूली कौन कर रहा है? अगर सरकार इस इलाके में हो रहे अवैध खनन और उनसे वसूली का सच जानने के लिए एक बडी जांच कराने के लिए आगे आ जाये तो उससे यह साफ हो जायेगा कि अवैध खनन के काले धंधे में सिस्टम के कितने लोग खनन माफियाओं के सिंडिकेट के साथ गठबंधन किये हुये हैं? सरकार के आदेश पर राजधानी के प्रशासनिक और पुलिस अफसर अवैध खनन पर नकेल लगाने के लिए आये दिन आदेश दिये हुये हैं और यह भी अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर किसी इलाके में अवैध खनन होता हुआ पाया गया तो वहां एक बडी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के अल्टीमेटम के बावजूद भी अगर पछुवादून विकासनगर में खनन माफियाओं का सिंडिकेट इलाके में अपना कानून चला रहा है तो उससे समझा जा सकता है कि खनन माफियाओं में सिस्टम का तिनकाभर भी कोई भय नहीं है? अगर सरकार का काला सोना चोरी हो रहा है और उससे सरकार को आये दिन लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है तो फिर सिस्टम क्यों और किस बात के लिए घृतराष्ट्र बना हुआ है यह समझ से परे है? उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी जहां सरकार, शासन, पुलिस के तमाम आला अधिकारी विराजमान हैं वहां अगर खनन माफियाओं में सिस्टम को लेकर कोई डर नहीं है तो यह कमजोरी किसकी है इसका आंकलन खुद लगाया जा सकता है? ‘क्राईम स्टोरीÓ ने बीती रात एक बार फिर जब विकासनगर के नवाबगढ में पुल नम्बर एक से होने वाले अवैध खनन को अपने कैमरे में कैद किया तो घंटों तक वहां अवैध खनन का खुला तांडव और वहां सैकडों ट्रैक्टर अवैध खनन के दिखाई दिये और जब तडके इस अवैध खनन के बारे में विकासनगर कोतवाली के एक साहब को बताया गया तो साहब ने अपने आपको पाक-साफ बनने के लिए अवैध खनन से भरे चंद ट्रैक्टरों को बंद करके यह ढोल पीट दिया कि वह अवैध खनन को लेकर किस कदर अलर्ट हो रखे हैं। पुलिस ने दम भरा कि उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ ताबडतोड कार्यवाही करते हुए सात ट्रैक्टर-ट्रोली सीज की हैं जबकि वहां देर रात से तडके तक जो अवैध खनन का तांडव ट्रैक्टरों से किया जा रहा था उसे देखकर साफ नजर आ रहा था कि विकासनगर पुलिस इस अवैध खनन को लेकर उस समय तक घृतराष्ट्र रहती है जब तक उन्हें कोई अवैध खनन होने की शिकायत नहीं कर देता?

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