सीएम साहबः राजधानी में बदमाशों का राज!

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क्लेंमनटाउन मंे फिल्मी सीन की तरह बदमाशों मंे दिखी ‘गैंगवार’
हुजूर इस तांडव की खुद वीडियो देखो तो दिखेगा ‘आतंक का सच’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री राज्य को अपराध मुक्त करने का संकल्प ले चुके हैं और उन्होंने राज्य से माफियागिरी खत्म करने का भी आवाम को वचन दे रखा है लेकिन हैरानी वाली बात है कि राजधानी के क्लेंमनटाउन मंे बदमाशांे के बीच सडकों पर जिस तरह से खुला तांडव देखने को मिला और वहां का दृश्य किसी फिल्म की गैंगवार की तरह आवाम ने अपनी आंखों से देखा उस गैंगवार ने इलाके के लोगों के मन में जो डर पैदा किया वह सरकार और पुलिस महकमें के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा सकते? दो पक्षों मंे जिस तरह से सडकों पर खुला युद्ध लाठी डंडो के साथ होता हुआ वीडियो में कैद हुआ अगर उस वीडियो को ख्ुाद राज्य के मुखिया देखने के लिए आगे आये तो उन्हें बदमाशों के बीच गैंगवार के आतंक का सच खुद ही दिखाई दे जायेगा। हैरानी वाली बात है कि सडकों पर गैंगवार हुई और इसकी खबर इलाके के पुलिस ने अपने अफसरों को देने तक की जहमत नहीं उठाई जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी के कुछ दरोगा अपने आपको ही शायद पुलिस महकमा समझने लगे हैं? अगर राजधानी में बदमाशों ने सडकों पर यह तांडव मचाया तो उससे साफ दिखाई दे रहा है कि उनमंे पुलिस का तिनकाभर भी भय नहीं था क्योंकि अगर उनके अन्दर पुलिस का भय होता तो वह फिल्मी सीन की तरह सडकों पर खुली गैंगवार करते हुए नजर न आते। अब देखने वाली बात है कि गृह महकमा जो कि खुद राज्य के मुख्यमंत्री के पास है वह इस गैंगवार की घटना को कितनी गंभीरता से लेकर बदमाशों पर एक्शन करने का हुक्म देंगे इस पर सबकी नजरें लग गई हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में अपराधियों का खौफ खत्म करने का संकल्प राज्य के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने ले रखा है और उनका वादा है कि वह राज्य को 2025 तक अपराधमुक्त कर देंगे। हैरानी वाली बात है कि एक ओर तो उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त बनाने का दम भरा जा रहा है वहीं क्लमेंनटाउन की सडकों पर दो गुटो के बदमाशों मंे टर्नर रोड पर जिस तरह से खुली गैंगवार की घटना देखने को मिली वह इलाके के लोगों के मन मंे एक बडा डर पैदा कर गई। बदमाशों के बीच हुये इस खूनी युद्ध का दृश्य वीडियो में कैद हो गया और जिस तरह से सडकों पर कार से कार को टक्कर मारकर फिल्मी अंदाज में युद्ध का दृश्य देखने को मिला वह हैरान करने जैसा था क्योंकि ऐसा दृश्य कभी राजधानी के अन्दर देखने को नहीं मिला? एक गैंग ने दूसरे गैंग की कार पर जिस तरह से टक्कर मारी और उसके बाद उस पर लाठी डंडो से हमला किया गया और गाडी के शीशे तोडकर कुछ बदमाशों के बीच जमकर संग्राम और तांडव देखने को मिला उस दृश्य को देखकर हर कोई यह कहने से नहीं चूक रहा कि उनकी राजधानी को आखिरकार किसकी नजर लग गई है कि बदमाशांे के गैंग सडकों पर खूली गैंगवार कर वर्चस्व की लडाई लड रहे हैं? इन गैंगों के बीच में किस वर्चस्व की लडाई थी यह तो पता नहीं चल पाया लेकिन जिस तरह से क्लेंमनटाउन जैसे पाश इलाके में दो गैंगों के बीच खुला संग्राम देखने को मिला वह कहीं न कहीं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के अपराधमुक्त उत्तराखण्ड के सपने पर एक बडा ग्रहण लगा गया? सवाल यह है कि इतना बडा तांडव हो गया और क्लेंमनटाउन पुलिस ने इसकी सूचना न तो एसपी सिटी को दी और न ही इलाके के सीओ को। आज दोपहर जैसे ही सदर सीओ पंकज गैरोला ने यह वीडियो देखी तो वह भी हैरान रह गये कि यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। पंकज गैरोला ने दोपहर मंे क्लेंमनटाउन थाने में डेरा डाला और वह उन दोनो गैंगों की पहचान में जुट गये जिन्होंने क्लेंमनटाउन की सडकों पर खुला तांडव मचाया था।

गैंगवार के तांडव पर सिर्फ लाइन हाजिर सजा
पुलिस महकमें में हमेशा यह बात उठती रही है कि लाइन हाजिर कोई सजा नहीं होती लेकिन इसके बावजूद भी किसी भी थानेदार या दरोगा की बडी से बडी गलती पर उसे लाइन हाजिर कर खानापूर्ति कर दी जाती है। ऐसा ही कुछ क्लेंमनटाउन थाना प्रभारी व चंद दरोगाओं को पुलिस कप्तान ने उनके इलाके में हुये खूनी तांडव पर सिर्फ उन्हें ड्यूटी मंे लापरवाह मानते हुए उन्हें लाइन हाजिर करने का हुक्म सुना दिया जबकि वहां दो गैंगों के बीच जो फिल्मी तांडव देखने को मिला था उस तांडव की सजा अगर खानापूर्ति में लाइन हाजिर तय की गई तो यह एक हैरान करने जैसा आदेश ही माना जायेगा?

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