सहकारिता से बदलेगी गांव की तस्वीर
किसान, युवा, मातृशक्ति पर फोकस
पंतनगर(स्टाफ रिपोर्टर)। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारिता को बड़ा हथियार बताते हुए साफ कहा कि मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से ही समृद्ध उत्तराखण्ड का निर्माण होगा। सरकार का फोकस किसानों के साथ युवाओं और मातृशक्ति को सहकारिता से जोड़कर गांवों में ही आर्थिक अवसर पैदा करने पर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित द्वितीय सहकारिता नेतृत्व प्रशिक्षण वर्ग के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया। सीएम धामी ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखण्ड में पलायन रोकने, पहाड़ी कृषि को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने में सहकारिता अहम भूमिका निभा सकती है। इसी दिशा में पैक्स को एम-पैक्स के रूप में अधिक सक्षम और प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश सहकारिता को केवल समितियों तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि इसे जनभागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाने की है। एम-पैक्स के जरिए किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
धामी ने कहा कि एम-पैक्स तभी प्रभावी होंगे जब उनका नेतृत्व कुशल और दूरदर्शी होगा। इसी उद्देश्य से नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीण विकास में हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित हो। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति शिवेन्द्र कुमार कश्यप, सहकार भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक चौरसिया, प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार गौड़, संगठन मंत्री मणिराम नौटियाल और प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर कुमार जोशी सहित अन्य प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।