प्रिंसिपल को मारने की सुपारी

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नकाबपोशों ने परिवार को बंधक बनाकर लूटा
बदमाशों ने सरिये डंडे से हमला कर दिखाया तांडव
विकासनगर। “हमें प्रिंसिपल को मारने की सुपारी मिली है” यह कहते हुए नकाबपोश बदमाशों ने बरोटीवाला के जमनीपुर रोड स्थित ग्रेट वैल्यू स्कूल परिसर में रह रहे एक परिवार को बंधक बना लिया। सुबह करीब सवा तीन बजे हुई इस वारदात में बदमाशों पर पति-पत्नी और उनके बेटे के साथ डंडे व लोहे की रॉड से मारपीट करने के बाद करीब 90 हजार रुपये नकद और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर लूटने का आरोप है।
वारदात जितनी दुस्साहसिक है, उससे कहीं अधिक गंभीर वह दावा है जो पीड़ित परिवार ने हमलावरों की बातचीत को लेकर किया है। पीड़ित महिला नीलम राठौर के मुताबिक हमलावर बार-बार किसी “प्रिंसिपल” का जिक्र कर रहे थे और उन्होंने साफ कहा कि वे उसे मारने की सुपारी लेकर आए हैं। परिवार ने बदमाशों को बताया कि वे प्रिंसिपल नहीं हैं, बल्कि स्कूल की देखभाल से जुड़े हैं। इसके बावजूद हमलावर पीछे नहीं हटे। पीड़ित परिवार के मुताबिक वारदात में तीन बदमाश शामिल थे। दो नकाबपोश कमरे में घुसे, जबकि उनका तीसरा साथी दूसरे कमरे में मौजूद था। आहट होने पर परिवार की नींद खुली तो सामने हथियारनुमा डंडा और लोहे की रॉड लिए बदमाश खड़े थे। विरोध होते ही हमलावरों ने गोपाल सिंह राठौर, उनकी पत्नी नीलम राठौर और बेटे आरव राठौर को काबू में लेकर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद घर के भीतर खौफ का खेल चला। परिवार को काबू में रखकर बदमाशों ने अलमारियां खंगालीं। नीलम राठौर के मुताबिक घर में रखे करीब 80 से 90 हजार रुपये नकद, सोने की चेन, अंगूठियां, कड़े और अन्य सोने-चांदी के जेवरात बदमाश समेट ले गए। परिवार लूटे गए जेवरों की कीमत लाखों रुपये बता रहा है।
बदमाशों ने फरार होने से पहले भी परिवार को संभलने का मौका नहीं दिया। आरोप है कि गोपाल सिंह राठौर और उनके बेटे आरव के हाथ बांध दिए गए और मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया। बदमाशों के जाने के बाद नीलम राठौर ने किसी तरह पीछे की खिड़की खोलकर मदद के लिए आवाज लगाई। आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और परिवार को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही करीब सवा चार बजे कोतवाली विकासनगर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल को जांच के दायरे में लेते हुए परिवार से वारदात की सिलसिलेवार जानकारी जुटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी नमूने तथा साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस फिलहाल वारदात की हर कड़ी को जोड़ते हुए बदमाशों तक पहुंचने में जुटी है।

लूट के पीछे सिर्फ पैसा या निशाने पर था कोई और?
इस वारदात ने पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है। यदि पीड़ित परिवार का “प्रिंसिपल को मारने की सुपारी” वाला दावा जांच में सही निकलता है तो यह मामला केवल लूट तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि बदमाश किस प्रिंसिपल की बात कर रहे थे, उन्हें स्कूल परिसर की जानकारी कैसे थी और वे वहां किस मकसद से पहुंचे थे।
दूसरी ओर यह संभावना भी जांच के दायरे में रहेगी कि कहीं बदमाशों ने परिवार में दहशत पैदा करने के लिए “सुपारी” की कहानी तो नहीं गढ़ी। फिलहाल इस दावे की पुलिस की ओर से स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। तीन नकाबपोश सुबह सवा तीन बजे स्कूल परिसर में एंट्री परिवार को बंधक बनाकर मारपीट करीब 90 हजार नकद और लाखों के जेवर गायब३ और जाते-जाते पीछे छोड़ गए “प्रिंसिपल की सुपारी” का रहस्य। अब इस पूरी वारदात की असल कहानी बदमाशों की गिरफ्तारी और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।

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