एक-एक भ्रष्टाचारी को बेनकाब करने से ही खिलखिलायेगा उत्तराखण्ड
सीएम साहबः अर्जुन की राह पर चलकर ही भ्रष्टाचार का होगा अंत?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। बाइस सालों से उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचारी और घोटालेबाज एक बडा दर्द देते आ रहे हैं और उन्होंने इन वर्षों में जिस तरह से भ्रष्टाचार और घोटालों के महापाप कर देवों की इस भूमि पर दाग लगाने का जो दुसाहस कर रखा है उससे ही राज्यवासियांे के मन में भ्रष्ट सफेदपोशों और भ्रष्ट अफसरों को लेकर एक बडी नाराजगी पनपती आ रही है और वह युवा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में महाभारत काल का दृश्य देखने की कल्पना में आगे बढ चुके हैं और उनका मानना है कि जिस तरह से महाभारत काल मंे श्रीकृष्ण ने अपने सखा अर्जुन को ज्ञान दिया था कि इस धर्म युद्ध में उन्हें अपनों के खिलाफ लडने में भी कोई संकोच नहीं करना चाहिए क्योंकि युद्ध में जब उनके अपने उनके सामने खडे हैं तो फिर युद्ध में अपना और पराया कोई नहीं देखना चाहिए? उसी तर्ज पर राज्य के युवा मुख्यमंत्री को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा ही धर्मयुद्ध लडना चाहिए क्योंकि जिस तरह से महाभारत काल में अर्जुन को सिर्फ मछली की आंख पर निशाना लगाने के लिए आगे आना पडा था उसी तरह से युवा मुख्यमंत्री को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके द्वारा शुरू की गई लडाई में उन्हें सिर्फ भ्रष्ट चेहरों को ही अपनी रडार पर लेना पडेगा तभी उत्तराखण्ड से भ्रष्टाचार का अंत हो पायेगा? उत्तराखण्ड के अन्दर अब राज्यवासी युवा मुख्यमंत्री की ओर टकटकी लगाये उन्हें देख रहे हैं कि जब तक वह एक-एक भ्रष्टाचारी को राज्यवासियों के सामने बेनकाब नहीं कर देंगे तब तक उत्तराखण्ड उस रूप में नहीं खिलखिला पायेगा जैसी आशा राज्य बनाने के लिए आंदोलनकारियों ने अपने मन में पाली थी?
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री इन दिनों राज्य के अन्दर अपने विजन को धरातल पर उतारने के लिए एक बडे संकल्प के साथ आगे बढ रहे हैं उसी का परिणाम है कि आज राज्य के किसी भी जनपद में आवाम को सिस्टम के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए नहीं देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी किचन टीम उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में जिस बडी सोच के साथ आगे बढने के लिए आ रखी है उसके चलते राज्यवासियांे की इच्छाओं को बडे पंख लगते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनका मानना है कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अल्प कार्यकाल में जिस तरह से राज्य को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर रखा है वह एक नये उत्तराखण्ड की परिकल्पना को साकार करता हुआ दिखाई दे रहा है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना आदर्श मान चुके हैं और इसी के चलते वह नरेन्द्र मोदी के दिखाये रास्ते पर तेजी के साथ अपना राजनीतिक सफर तय कर रहे हैं जहां वह सिर्फ विकास और सिर्फ विकास के रास्ते पर ही चलने के लिए आगे बढ रहे हैं। उत्तराखण्ड में हर आपदा में राज्य के मुख्यमंत्री खुद आवाम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खडे हुए दिखाई देते हैं और जब जोशीमठ में दैवीय आपदा आई तो उन्होंने जोशीमठ को बचाने के लिए जिस जज्बे के साथ वहां अपनी टीम के साथ डेरा डाला और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जोशीमठ के लिए आर्थिक पैकेज और उनके पुर्नवास को लेकर उनसे आग्रह किया उसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोशीमठ के लिए हर सम्भव सहायता देने का वचन दे रखा है। उत्तराखण्ड का आवाम चाहता है कि महाभारत काल में अर्जुन ने जिस तरह से धर्मयुद्ध में अपनों और परायों के खिलाफ धनुष बाण उठाकर उनका संहार किया था उसी तर्ज पर उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री भी राजधर्म निभाते हुए उत्तराखण्ड में हर उस भ्रष्ट के खिलाफ युद्ध लडे जो बाइस सालों से राज्य को अपनी लूट का शिकार बनाते आ रहे हैं? मुख्यमंत्री एक संकल्प के साथ भ्रष्टाचार मिटाने के लिए आगे आ रखे हैं लेकिन यह भी सच है कि मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार के खिलाफ लम्बी लडाई लडनी पडेगी क्योंकि राज्य के अन्दर काफी सफेदपोश और काफी भ्रष्ट अफसर ऐसे हैं जिन्होंने चोला तो ईमानदारी का पहना हुआ है लेकिन वह इस चोले की आड में अकूत सम्पत्तियों का किला खडा कर चुके हैं और ऐसे में इन सभी चेहरों को बेनकाब करने के लिए मुख्यमंत्री को राजधर्म निभाते हुए एक बडा धर्मयुद्ध लडना पडेगा?