देहरादून(नगर संवाददाता)। बिना मुआवजा दिये और बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किये जोशीमठ में दो होटलों का ध्वस्तीकरण, चिंताजनक लक्षण मानते हुए सरकार के इस कदम के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश द्वारा आज गांधी पार्क देहरादून में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने देहरादून में एक घंटे का समर्थकों सहित मौन उपवास रखा और सरकार की अन्याय पूर्ण कदम के प्रति विरोध दर्ज किया गया और इस अवसर पर कहा गया कि 24 घंटे तक मुआवजे की राशि घोषित नहीं करती है तो मुख्यमंत्री आवास कूच किया जायेगा।
यहां गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं कांग्रेसजनों ने जोशीमठ के प्रभावित लोगों को मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर मौन उपवास किया और मौन उपवास के बाद संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि बिना मुआवजा दिये और बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किये जोशीमठ में सरकार द्वारा ध्वस्तीकरण की घोषणा अत्यंत चिंताजनक लक्षण हैं यह राज्य की संवेदनहीनता परिलक्षित करती है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान आदि गुरु शंकराचार्य की तपोभूमि ज्योतिर्मठ, नारायण बद्रीनाथ की शयन की भूमि ज्योतिर्मठ, देवभूमि के पूज्य देव स्थलों के केन्द्र ज्योतिर्मठ आज जगह-जगह भूस्खलन एवं भू-धसाव की वजह से टूट कर बिखर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में राज्य सरकार से जिस गंभीरता और संवेदनशीलता की अपेक्षा थी वह कहीं दिखाई नहीं दे रही। सरकार जोशीमठ के स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित होने का दावा कर रही है परन्तु यह सत्य से परे है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा जोशीमठ चित्कार रहा है हमको पुकार रहा है परन्तु राज्य सरकार किंकतव्र्यविमूठ बनी हुयी है। रावत ने कहा कि लोगों के जीवन भर की कमाई उनके जान-माल, उनके मवेशी इत्यादि को संरक्षण देना राज्य सरकार का पहला कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण समय पहली बार आया हो। रावत ने कहा कि इससे पहले भी 2०13 में राज्य के लोगों ने एकजुट होकर केदारनाथ दैवीय आपदा जैसी बड़ी चुनौती का सामना किया है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के लोगों को कहां पर बसाना है उसका भी जल्द फैसला किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान केवल स्थानीय लोगों को विस्थापित करना या पुर्नवासित करना नहीं होना चाहिए। बल्कि उनकी मन: स्थिति को समझते हुए उनका धैर्य बनाये रखने के लिए यह अत्यन्त जरूरी है कि उनकी जीवन भर की जमा पूंजी से जो मकान दुकान या व्यवसायिक केन्द्र उन्होंने स्थापित किये उसका उनकों उचित मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर मौन उपवास के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष करन माहरा एवं हरीश रावत ने आपस में विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया कि यदि कल शाम तक राज्य सरकार ध्वस्तीकरण से पहले उचित मुआवजे की घोषणा नहीं करती तो उस सूरत में मजबूरन उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के होटलों को ध्वस्त किये जाने की घोषणा के विरोध में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन की तरफ से संदीप साहनी, मौहम्मद इलियास, मनु कोचर, रजत कपूर, रमन चड्ढा, प्रणव गिलहोत्रा भी हरीश रावत के मौन उपवास को समर्थन देने पहुचें। इस अवसर पर उपवास की समाप्ति के बाद उत्तराखण्ड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एकत्रित कांग्रेसजनों को सम्बोधित किया। गोदियाल ने कहा कि जोशीमठ आज बहुत ही विकट परिस्थिति से गुजर रहा है जहां देखों त्राहिमाम है गोदियाल ने कहा कि एक तरफ उत्तराखंड कांग्रेस की पूरी लीडरशिप जोशीमठ पहुॅचकर स्थानीय जनता के इस कष्टमय एवं पीडादायी समय पर उन्हें ढांढस बंधा रही थी और दूसरी और संत्रियों और मंत्रियों की लंबी फौज होने के बावजूद भी सरकार का एक मंत्री भी वहाँ एक रात तक रुकने को तैयार नही।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को शिफ्ट किये जाने की डुगडुगी राज्य सरकार पीट रही है उनकी और शासन प्रशासन पलट कर तक नहीं देख रहा है। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर मौन उपवास में उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत, संगठन उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी, पूरन रावत, महेन्द्र नेगी, डॉक्टर प्रदीप जोशी, गरिमा माहरा दसौनी, मीडिया पैनलिस्ट सुनीता प्रकाश, शांति रावत, अमरजीत सिंह, शीशपाल, लक्ष्मी अग्रवाल, नजमा खान, आशा टम्टा, राजेश चमोली, उर्मिला थापा, गुलजार, राजेन्द्र भण्डारी, गोदावरी थापली, लखपत बुटोला, सोनिया आनंद रावत, सुशील राठी, सुजाता पॉल, आशा मनोरमा डोबरियाल, शिवानी थपलियाल मिश्रा, मनीष नागपाल, राजेन्द्र दानू, राकेश रावत, मोहन काला, दिनेश चौहान, सुनील जयसवाल, अनूप पासी, सुरेन्द्र रांगड, सत्या पोखरियाल, पुष्पा पंवार, रितेश क्षेत्री, शैलेन्द्र करगेती, गुल मोहम्मद, अनुराधा तिवारी, अजय रावत आदि शामिल रहे।