देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में आई आपदा को देखते हुए आपदा राहत के प्रत्येक परिवार को तत्कालिक रूप से डेढ लाख रूपये की अंतरिम सहायता देने का ऐलान कर संकट में फंसे परिवारों को मरहम लगाया है उससे साफ नजर आ रहा है कि वह आपदा की जद में आये परिवारों को लेकर कितने गम्भीर हैं।
सचिव मुख्यमंत्री आर.मीनाक्षी सुन्दरम ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए जोशीमठ आपदा को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया कि जोशीमठ में अभी तक दो होटल जो भूधंसाव के कारण लटक गए है उनको डिस्मेंटल करने का आदेश किया गया है क्योंकि ये होटल आसपास के भवनों के लिए भी खतरा बने हुए है। इसके अलावा अभी किसी का भी भवन नही तोडा जा रहा है। भूधंसाव से प्रभावित भवनों का सर्वे किया जा रहा है। असुरक्षित भवनों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी विस्थापन किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को तत्कालिक तौर पर डेढ़ लाख की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में दी जा रही है। जिसमें पचास हजार रूपये घर शिफ्ट करने तथा एक लाख रूपये आपदा राहत मद से एडवांस में उपलब्ध कराया जा रहा है। जो कि बाद में समायोजित किया जाएगा।
सरकार लोगों को बेहतर से बेहतर सुविधा दे रही है। जो लोग किराए के घर पर जाना चाहते है उनको छह महीने तक चार हजार रूपये प्रतिमाह दिए जा रहे है। इससे पूर्व उन्होंने हितधारकों एवं स्थानीय लोगों के साथ बैठक करते हुए स्पष्ट किया कि भूधंसाव से जो भी यहां पर प्रभावित हुए है उनको मार्केट दर पर मुआवजा दिया जाएगा। मार्केट की दर हितधारकों के सुझाव लेकर और जनहित में ही तय किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। जोशीमठ नगर क्षेत्र में भू-धंसाव के कारण 723 भवनों को चिन्हित किया गया है जिनमें दरारें आयी है। सुरक्षा के दृष्टिगत आजतक 131 परिवारों के 462 लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में विस्थापित किया है।