उठ रही आवाज: शंकराचार्य के जोशीमठ को बचाओ पुष्कर

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उत्तरकाशी(चिरंजीव सेमवाल)। शंकराचार्य के जोशीमठ में पिछले कुछ समय से जिस तरह से वहां घरों और व्यापारी प्रतिष्ठानों की दीवारें चटकने लगी हैं उससे इलाके में रहने वाले हजारों लोगों के सामाने अपने जीवन को बचाना एक बडी चुनौती हो गया है और इसी को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री भी आगे आये हैं और उन्होंने एक टीम को जोशीमठ में दरकते घरों और प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए भेजा है और वहां के लोग अब यह आवाज बुलंद करने लगे हैं कि शंकराचार्य के जोशीमठ को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द से जल्द बचायें क्योंकि अगर जरा सी भी देर हुई तो जोशीमठ में बडे हादसे देखने को मिल सकते हैं जिसके चलते परिवारों के सामने एक बडा संकट आकर खडा हो जायेगा। जोशीमठ में दरक रहे पहाडों से नाराज होकर आज इलाके के लोगों ने बाजार बंद कराकर चक्का जाम लगाया और सरकार को अल्टीमेटम दिया कि जल्द से जल्द उनका पुर्नवास किया जाये और उनके सामने अपने घरों और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों को बचाने का जो संकट सामने आ गया है उसकी रक्षा की जाये।
उल्लेखनीय है कि जोशीमठ में दरकते पहाड़ों ने लोगों की जिंदगी थाम दी है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के जोशीमठ में आज चक्काजाम और बाजार बंद का एलान के चलते आज यहां सैकड़ों की संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने बताया कि प्रभावित परिवारों में शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। विरोध प्रदर्शन के चलते औली रोड पर एक किलो मीटर का लगा लंबा जाम लग गया है। भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। जोशीमठ संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को भी देर शाम लोगों ने हाथ में मशाल लेकर बदरीनाथ स्टैंड से मारवाड़ी चौक तक सरकार और एनटीपीसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रभावित परिवार भी शामिल हुए। अभी तक जोशीमठ क्षेत्र से 27 परिवारों के 12० लोग शिफ्ट किए जा चुके हैं ।
प्रशासन ने कंट्रोल रूम किया स्थापित जोशीमठ नगर में भू-धंसाव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने जोशीमठ तहसील में प्रभावित लोगों को त्वरित राहत एवं किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। जिसका दूरभाष नंबर 81717486०2 है। किसी भी सहायता के लिए प्रभावित परिवार इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं भू- धंसा की चपेट में ज्योतिर्मठ परिसर भी आ गया है। परिसर के भवनों, लक्ष्मी नारायण मंदिर के आसपास बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद ने बताया कि मठ के प्रवेश द्वार, लक्ष्मी नारायण मंदिर और सभागार में दरारें आई हैं। इसी परिसर में टोटकाचार्य गुफा, त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी मंदिर और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी स्थल है। सिंहधार वार्ड में होटल माउंट व्यू जमीन धंसने से तिरछा हो गया है। सोमवार रात को होटल की दीवारें चटने की आवाज आने से इसके पीछे रहने वाले परिवार दहशत में आ गए थे। प्रशासन ने बुधवार को होटल को खाली करवा दिया स्नद्मद्म। आज सुबह से ही जोशीमठ बाजार में सैकडों लोगों का हुजूम उमड आया और उन्होंने बाजार बंद कराकर हाई-वे को जाम कर दिया और ऐलान किया कि जब तक उनके दर्द को सरकार समझकर उन्हें राहत नहीं देगी तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे क्योंकि जिस तरह से उनके मकान और प्रतिष्ठान दरक रहे हैं उससे उनके सामने अपने और परिवारों को बचाये रखने का बडा संकट आकर खडा हो गया है।

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