प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री पिछले काफी समय से अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने और वीआईपी के नाम का खुलासा करने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं जिससे राज्य के अन्दर सवाल खडे हो रहे हैं कि आखिरकार कांग्रेस के अन्दर सिर्फ हरीश रावत ही अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम का खुलासा करने को लेकर क्यों भूचाल मचाये हुये हैं? वहीं खानपुर के विधायक ने हरीश रावत को ललकारते हुए कहा कि वह उत्तराखण्ड की एक दिवंगत बेटी के नाम पर राजनीति न करें और अगर उन्हें वीआईपी का नाम मालूम है तो वह उस नाम को सार्वजनिक करने के लिए क्यों आगे नहीं आ रहे हैं जिससे साफ नजर आ रहा है कि वह इस मामले में सिर्फ राजनीति कर अपने आपको मीडिया में चमकाना चाह रहे हैं।
खानपुर के विधायक उमेश कुमार ने हरीश रावत पर तंज कसते हुए कहा कि उम्र के इस पडाव में उन्हें शर्म आनी चाहिए कि वह उत्तराखण्ड की एक दिवंगत बेटी के नाम पर आये दिन राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने हरीश रावत को ललकारते हुए कहा कि अगर उनके दम है तो वह उस वीआईपी के नाम को उजागर करें क्योंकि वह इस हत्याकांड में वीआईपी का नाम उछालकर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि अगर हरीश रावत को वीआईपी का नाम पता है तो वह उस नाम को क्यों छुपा रहे हैं ऐसा करने से वह कहीं न कहीं राज्य की जनता के साथ खुला धोखा कर रहे हैं।