नए साल में नए संकल्प धामी का मिशनः विकसित उत्तराखण्ड

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री के रूप में एक जनसेवक का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने राज्य को विकास की बुलंदियों पर पंहुचाएं और ऐसा करने के लिए उसे दिन रात एक करके मेहनत करनी होती है। उत्तराखण्ड को विकास की बुलंदियों पर पंहुचाने के लिए सूबे के मुखिया ने दिन रात एक किया हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब से सत्ता कमान अपने हाथों में ली है तबसे ही वह एक मिशन में जुटे हुए हैं, विकसित उत्तराखण्ड। राज्य में विकास कार्यों की झड़ी लगाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न सिर्फ राज्य हित में घोषणा बल्कि इन सभी कार्यांे की मॉनिटरिंग भी वह खुद ही करते है। राज्यहित में होने वाले कार्याें में वह कोई कोताही बरते को तैयार नहीं है। उन्होंने अपनी पूरी सरकार को यह साफ निर्देश दे रखे है कि राज्य में सभी जनसमस्याओं को त्वरित गति समाधान होने चाहिए। पुराना साल बीत रहा है और नया साल दस्तक दे रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी नए साल का स्वागत नए संकल्पों के साथ करने को बेकरार नजर आ रहे है। विकसित उत्तराखण्ड की अपने विज़न को साकार करने के लिए वह जीतोड़ मेहनत कर रहे है। उनके इस कठिन परिश्रम में उन्हें केन्द्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। कोरोनाकाल में बुरी तरह से प्रभावित चारधाम यात्रा को इस वर्ष सुचारू रूप से चलाकर रिकार्ड तोड़ श्रद्धालुओं का स्वागत करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनके इस कीर्तिमान ने जहां राज्य को आर्थिक रूप से और मजबूत किया है, वहीं उन्होंने पूरे देश को यह संदेश भी दिया है कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा कितनी सुरक्षित है। उनके नए साल के नए संकल्पों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट आल वेदर रोड भी शुमार है, जिसको पूरा करने में वह कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अब तक के कार्यकाल को देखकर इस बात का तो अंदाजा साफ लग जाता है कि राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए वह कितनी उत्साहित है। उनके इस विज़न का नतीजा है कि अब उत्तराखण्ड की जनता को भी यह विश्वास हो गया है कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य का भविष्य उज्जवल ही है।
प्रचंड बहुमत वाली भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में उत्तराखण्ड की राजनीति में कई भूचाल आए थे। इस कार्यकाल के दौरान एक समय ऐसा आया था जब यह एहसास हो रहा था कि भाजपा शायद दोबारा से सत्ता में नहीं आ सकेगी। इस बात का प्रमुख कारण यह समझा जा रहा था कि उत्तराखण्ड की जनता भाजपा के तत्कालीन सत्ताधारियों से खफा हैं। यह मामला जब दिल्ली में भाजपा हाईकमान के सामने पंहुचा तो हाईकमान को भी एक गहरा मंथन करने की आवश्यकता महसूस होने लगी। लंबे मंथन के बाद पार्टी हाईकमान ने एक विचित्र फैसला लिया और युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड सरकार की कमाना सौंप दी। कुछ लोगों को शुरूआत में पार्टी हाईकमान का यह फैसला कुछ अटपटा लगा लेकिन जब हाईकमान के इस फैसले का निष्कर्ष निकला तो भाजपा ने इतिहास ही रच दिया। सारे मिथकों को दरकिनार करते हुए भाजपा ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार उत्तराखण्ड में प्रचंड बहुमत वाली डबल इंजन सरकार बनाई। पुष्कर सिंह धामी की इस कार्यकुशलता ने उनके आलोचकों के हाठों पर ताले जड़ दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब से सत्ता की कमान संभाली है तभी से वह एक मंझे हुए बल्लेबाज की तरह फ्रंटफुट पर बैटिंग करते हुए नजर आए है। पहाड़ी राज्य में विकास की गंगा बहाने के प्रण को पूरा करने के लिए वह दिन रात लगे हुए है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी नए साल का स्वागत नए संकल्पों के साथ करने को उत्साहित नजर आ रहे है। विकसित उत्तराखण्ड की अपने विज़न को साकार करने के लिए वह जीतोड़ मेहनत कर रहे है। उनके इस कठिन परिश्रम में उन्हें केन्द्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। कोरोनाकाल में बुरी तरह से प्रभावित चारधाम यात्रा को इस वर्ष सुचारू रूप से चलाकर रिकार्ड तोड़ श्रद्धालुओं का स्वागत करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनके इस कीर्तिमान ने जहां राज्य को आर्थिक रूप से और मजबूत किया है, वहीं उन्होंने पूरे देश को यह संदेश भी दिया है कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा कितनी सुरक्षित है। उनके नए साल के नए संकल्पों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट आल वेदर रोड भी शुमार है, जिसको पूरा करने में वह कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अब तक के कार्यकाल को देखकर इस बात का तो अंदाजा साफ लग जाता है कि राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए वह कितनी उत्साहित है। उनके इस विज़न का नतीजा है कि अब उत्तराखण्ड की जनता को भी यह विश्वास हो गया है कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य का भविष्य उज्जवल ही है। जिस राज्य के मुख्यमंत्री को देश के प्रधानमंत्री अपना मित्र कहकर संबोधित करते हो उस राज्य की विकास यात्रा पर अंकुश लगाने की हिमाकत आखिर कौन ही करेगा? जिस प्रकार से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कार्यकुशलता से राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर किया हुआ है, उसी का परिणाम है कि अब विपक्ष के पास भी उन्हें घेरने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। अब सीएम धामी का फोकस आने वाले नए साल में नए संकल्पों पर होगा, जिसके चलते वह अपना विकसित उत्तराखण्ड का सपना पूरा कर सकेंगे।

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