पुष्कर का होगा ‘अपराधमुक्त उत्तराखण्ड’

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अजय करेंगे सट्टेबाजों का संहार
राजधानी पुलिस का सट्टेबाजी प्रेम घातक!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शपथ लेने के बाद से ही ऐलान कर दिया था कि उत्तराखण्ड को अपराधमुक्त बनायेंगे और जो भी संगठित होकर गैर कानूनी धंधे और अपराधिक वारदातें कर रहे हैं उन पर बडा शिकंजा कसा जायेगा जिससे उन्हें इस बात का इल्म हो जायेगा कि उत्तराखण्ड में पुलिस गैर कानूनी धंधे वालों को बख्शती नहीं है। हैरानी वाली बात है कि मात्र कुछ समय पूर्व ही हरिद्वार जनपद में तैनात होने वाले पुलिस कप्तान ने जनपद को अपराधमुक्त करने का वचन धर्मनगरीवासियों से लिया है और उन्होंने जिस तरह से अपराधियों को खाकी का इकबाल दिखाना शुरू किया है उससे अपराधियों के मन मंे पुलिस का एक डर देखने को मिलने लगा है वहीं संगठित होकर सट्टे का धंधा करने वालों पर जिस तरह से एक होटल मंे पुलिस कप्तान ने छापा डलवाकर वहां से सत्ताईस बडे सटोरियों को दबोचा तो उससे सट्टेबाजों के सिंडिकेट मंे खलबली मच गई क्योंकि पुलिस को जो एक डायरी मिली है उसमें काफी सफेदपोशों के नम्बर यह राज खोलेंगे कि उनका सट्टेबाजों से कैसा कनैक्शन हैं? वहीं राजधानी पुलिस को संगठित होकर सट्टेबाजी और जुए के अड्डे चलाने वाले सिंडिकेट पर अपनी दया बनाकर उन पर कोई शिकंजा न कसना उसे लम्बे समय से कटघरे में खडा कर रहा है? हैरानी वाली बात है कि पुलिस के कुछ दरोगा, कर्मचारी एक बडे सिंडिकेट सट्टेबाज के गैंग के हमराज बनकर उनसे गठबंधन कर उन्हें अपना खुला संरक्षण दे रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस हाकिम अगर सिंडिकेट और खाकी के गठबंधन पर वार करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं तो ऐसे में राजधानी के अन्दर मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त राज्य का सपना कैसे पूरा होगा यह एक बडा सवाल खडा हो रहा है?
उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को शुद्ध अपराधमुक्त करने की दिशा में कई बार पुलिस के आला अफसरों को साफ संदेश दे चुके हैं कि जो भी गैर कानूनी धंधा करने वाले लोग है उन पर शिकंजा कसा जाये और उन पर गैंगेस्टर लगाकर उनकी सम्पत्तियों को सील किया जाये जिसके चलते पुलिस मुख्यालय से भी सभी जिलों को आदेश जारी हुये कि संगठित होकर गैंग चलाने वाले हर गैर कानूनी ध्ंाधेबाजों पर गैंगेस्टर लगाई जाये और उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली जाये। मुख्यमंत्री का सपना है कि राज्य के अन्दर कोई भी अपराध व अपराधी न पनप पाये इसलिए वह अकसर पुलिस अफसरों को संदेश देते हैं कि राज्य की जनता भयमुक्त होकर रहे और कोई भी अपराधी व गैर कानूनी धंधे करने वाले आवाम के लिए कोई संकट न खडा कर पायें। हैरानी वाली बात है कि हरिद्वार की सीमा राजधानी से लगती है और वहां अजय सिंह को कुछ ही समय पूर्व जिले का पुलिस कप्तान बनाया गया है जिन्होंने पदभार संभालते ही अपराधियों और संगठित होकर गुनाह करने वालों की नाक में नकेल डालने का खुला आदेश दे रखा है और वह खुद भी अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपराधियों और गैर कानूनी धंधे करने वालों की पहचान कराकर उन पर शिकंजा कस रहे हैं। हरिद्वार जनपद मंे पुलिस का इकबाल अब देखते ही बन रहा है और वहां के पुलिस कप्तान का साफ मानना है कि सट्टेबाजी भी एक बडा गुनाह है और इसे करने वालों को भी किसी भी कीमत पर नहीं बक्शा जा सकता क्योंकि इससे काफी लोग बर्बाद होते आ रहे हैं। पुलिस कप्तान के चलाये ऑपरेशन में एक होटल के दो कमरों से सट्टा खिलाने वाले तेईस सट्टेबाजों को लाखों रूपये के साथ दबोच लिया और अब उन पर गैंगेस्टर की कार्यवाही के साथ ही पुलिस कप्तान उन पर बडा एक्शन लेने का प्लान तैयार कर चुके हैं लेकिन गजब की बात यह है कि जहां सारी सरकार, शासन व पुलिस के आला अफसर मौजूद हैं वहां आखिर किसकी शह पर सफेदपोश, पत्रकार कुछ व्यापारी, सट्टेबाजों का एक बडा सिंडिकेट, क्रिकेट, मटका सट्टे के साथ जुए के अड्डे चला रहा है यह हैरान करने जैसा ही दिखाई दे रहा है? ऐसा नहीं है कि राजधानी पुलिस के कुछ अफसरों को संगठित होकर सट्टे का धंधा करने वालों के बारे में कुछ पता न हो लेकिन सबकुछ जानते हुए भी पुलिस के कुछ अफसर इन धंधेबाजों पर चुप्पी साधे हुये हैं वह मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त सपने पर ग्रहण लगाने जैसा ही दिखाई दे रहा है?

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