प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में पिछले डेढ माह से राज्य के अन्दर अफवाहों का बाजार इतना गर्म हो रखा था कि उस पर काफी सट्टा बाजार भी उत्तराखण्ड के भविष्य को लेकर सट्टा लगाने लगा था। सफेदपोश, मीडिया के एक बडे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे कुर्सी के एक लालची नेता ने राज्य के अन्दर अफवाहों का इतना बडा जाल बिछा रखा था कि राज्य के अन्दर एक अस्थिरता दिखाई दे रही थी? हालांकि जिस राजनेता को लेकर अफवाहों का भोपू बजाये जा रहा था वह राजनेता अपने मिशन में आगे बढता जा रहा था और उसके चेहरे पर इन अफवाहों का शायद कभी भी कोई असर दिखाई दिया हो ऐसा देखने को नहीं मिला। प्रधानमंत्री के 48 घंटे उत्तराखण्ड में गुजारे जाने और राजनेताओं से लेकर सिस्टम को एक बडा संदेश देने के लिए उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर जिस तरह से मंथन किया और उत्तराखण्ड को आगे ले जाने का संकल्प लिया उससे अफवाहों का दौर न जाने कहां दफन हो गया यह साजिशकर्ताओं को भी पता नहीं चल पाया?
उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ रहे हैं लेकिन इन दोनो राजनेताओं की कैमेस्ट्री उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक के कुछ सफेदपोशो को रास नहीं आ रही है और पिछले डेढ माह से राज्य के अन्दर एक अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा रहा था कि दीपावली के बाद उत्तराखण्ड के अन्दर कुछ बडा होने वाला है लेकिन अफवाहों का यह भोपू उस समय बंद हो गया जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुष्कर सिंह धामी को अपना छोटा भाई कहकर सबको संदेश दे गये कि राज्य में विकास का पहिया पुष्कर सिंह धामी ही आगे बढायेगा।