कौन रोकेगा अवैध खनन का तांडव?

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पछवादून में सिस्टम से बडा है खनन माफियाओं का सिंडिकेट!
घाटों पर पीएससी तैनात हो जाये तो तिनकाभर भी अवैध खनन न होगा
विकासनगर(मनोज सैनी/सतपाल धानिया)। उत्तराखण्ड सरकार के मुखिया ने पदभार संभालने के बाद से ही ऐलान किया था कि किसी भी जनपद में अवैध खनन न होने पाये और अगर किसी इलाके में अवैध खनन होता हुआ पाया गया तो उस पर सख्त एक्शन होगा। हैरानी वाली बात है कि उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी के पछवादून में अवैध खनन का इतना बडा तांडव चल रहा है कि वहां का नजारा देखकर यह समझ आ रहा है कि सारा सिस्टम शायद घृतराष्ट्र हो चुका है और उसे अवैध खनन का काला खेल नजर ही नहीं आ रहा? पछवादून के कुछ इलाकों में अवैध खनन का काला कारोबार इतने ऊफान पर है कि उसके चलते कुछ खाकीधारियों का खजाना आये दिन इस अवैध खनन पर उसकी कृपा के चलते भरता चला जा रहा है? पछवादून में खनन माफियाओं का सिंडिकेट देखकर ऐसा आभास हो रहा है कि क्या सारा सिस्टम इस सिंडिकेट के आगे इतना छोटा हो चुका है कि वह उस पर नकेल लगाने के लिए आगे ही नहीं आना चाहता? विकासनगर में एक खनन का पट्टा आवंटित किया गया लेकिन जो उसकी सीमा है उसमंे खनन नहीं हो रहा बल्कि उसकी सीमा के बाहर जिस तरह से बडी तादाद में ट्रैक्टरों व डम्परों में अवैध खनन भरकर ले जाया जा रहा है उससे खनन महकमें की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं? गजब की बात यह है कि एक रवन्ने पर कुछ ट्रैक्टर कई चक्कर खनन के ढो रहे हैं और सारा सिस्टम अनजान बना हुआ है? ऐसे में बहस चल रही है कि अगर राजधानी की तेज तर्रार डीएम व साफ छवि के माने जाने वाले पुलिस कप्तान नदियों के घाटों पर अगर पीएससी तैनात करने का साहस दिखा दें तो वहां से एक पत्थर भी अवैध खनन करके कोई नहीं ले जा पायेगा? अगर अवैध खनन पर सरकार के मुखिया के विजन को राजधानी के सिस्टम ने धरातल पर उतारना है तो उन्हें आगे आकर घाटों पर इतना अभेद चक्र बनाना पडेगा जिससे खनन माफियाओं और पुलिस के कुछ दरोगाओं के बीच अवैध खनन को लेकर चल रही साठगांठ का खेल नेस्तानबूत हो सके?
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त करने का अभियान प्रदेश में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है लेकिन मुख्यमंत्री का यह अभियान पछवादून में आकर दम तोड़ता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के अभियान में कुछ सफेदपोश और कुछ अधिकारी आड़े आ रहे है जो कि मुख्यमंत्री की साफ सुथरी छवि पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में अवैध खनन पर राजधानी के सिस्टम को शत-प्रतिशत लगाम लगा देनी चाहिए थी क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री का साफ विजन है कि नदियों मंे अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाये। हालांकि पछवादून क्षेत्र की सभी नदियों में जिस तरह से कुछ प्रभाशाली लोगो के इशारे पर अवैध खनन किया जा रहा है उससे तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक साजिश के तहत यह सब गोरखधंधा चल रहा है? बताते चले कि यमुना नदी में एक व्यक्ति का खनन का पट्टा शुरू हुआ है लेकिन पुल नंबर एक यमुना नदी में स्थित इस खनन पट्टे की आड़ में तीन किलोमीटर के दायरे में अवैध खनन किया जा रहा है? हैरानी वाली बात है कि इस गोरखधंधे की सूचना सभी संबंधित विभागों के पास हैं लेकिन किसी बड़े दबाव के चलते संबंधित विभाग कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं तो वही कुछ लोग दबी जुबान में यह भी कहने लगे है कि बहुत बड़ी सांठगांठ के चलते अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है? चर्चा यहां तक है कि विपक्ष आगामी सत्र में खनन के मुद्दे पर विधानसभा में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है अगर विधानसभा या सड़को पर विपक्ष अवैध खनन को आधार बनाकर उतरेगा तो कही ना कही सरकार की साफ छवि धूमिल होगी इसलिए अब समय आ गया है कि ईमानदार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए राजधानी की तेज तर्रार डीएम और पुलिस कप्तान नदियों के घाटों पर पीएससी तैनात कर दें जिससे अवैध खनन का काला कारोबार बंद हो जाये?

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