पुष्कर के अल्टीमेटम से खुला महल सिंह की हत्या का राज

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काशीपुर(राजू अनेजा)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने जब उधमसिंहनगर स्टोन क्रेशर मालिक की हत्या को लेकर पुलिस कप्तान के सामने अपनी कडी नाराजगी दिखाई थी तो उसके बाद डीजीआई से लेकर पुलिस कप्तान ने शूटरों को पकडने के लिए ऑपरेशन छेड दिया और मात्र चंद दिन के भीतर ही क्रेशर मालिक की हत्याकांड में शामिल तीन लोगों को दबोच लिया जबकि चार गुनाहगार अभी भी पुलिस की पकड से दूर हैं और इन शूटरों को पकडने के लिए पुलिस ने अपनी पूरी ताकत लगा रखी है लेकिन वह अभी तक उन शूटरों के पास नहीं पहुंच पाई है। सीएम धामी द्वारा उधमसिंह नगर में हुए हत्याकांड का शीघ्र खुलासा करने के आदेश के बाद अलर्ट मोड पर आई उधम सिंह नगर पुलिस ने स्टोन क्रेशर स्वामी महल सिंह की हत्या के मामले में एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि चार अभियुक्त अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। हत्या करने के आरोपी शूटरों तक पुलिस अभी नहीं पहुंच पाई है। यहाँ तक कि पुलिस को इन शूटरों के नाम तक मालूम नहीं हो पाये हैं। अलबत्ता यहाँ मामले का खुलासा करने आये डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस टीम लगातार शूटरों का पीछा कर रही है जल्द ही वह भी पुलिस की पकड़ में होंगे । डीआईजी ने अभियुक्तों को पकडऩे वाली पुलिस टीम को 5० हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
यहाँ काशीपुर कोतवाली में डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी मंजूनाथ टी सी ने इस हत्याकांड में पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ करने के बाद एक पत्रकार वार्ता में हत्या की असली वजह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद पुलिस टीमें हत्यारों के सुराग में लग गई थी। डीआईजी ने बताया कि घटना की गम्भीरता को देखते हुयें आने-जाने वाले घटना स्थल के समस्त मार्गों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अवलोकन किया गया। सीसीटीवी फुटेज पर अभियुक्त गणों के साफ फुटेज आने पर उक्त शूटर इण्टरनेशल होने का संदेह व्यक्त किया । सीसीटीवी तथा लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना में शामिल पन्नू आज एकता स्टोर केशर की तरफ बंजारी गेट के पास जंगल में छिपकर पुलिस के डर से कहीं भागने की फिराक में है। सूचना पाकर पुलिस टीम ने रात्रि करीब ढाई बजे रोकने के लिये इशारा किया तो अभियुक्त के द्वारा पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। पकड़े गए अभियुक्त प्रभजोत सिंह पन्नू पुत्र हरजाब सिंह निवासी ग्राम गुलजार पुर कुण्डेश्वरी थाना काशीपुर जिला उधमसिंह नगर उम्र 27 वर्ष ने हत्या के कारणों को लेकर बताया कि वह वर्ष 2०15 से 2०2० तक का स्टोन केशर पर बतौर मुंशी कार्य करता था । स्टोन क्रेशर में महल सिंह, सुखवन्त सिंह व उसका भाई हरजीत उर्फ काले व जगप्रीत सिंह पार्टनर थे। पिछले लगभग दो वर्षों से हरजीत काले, महल सिंह व सुखवंत सिंह के बीच आपस में पार्टनरशिप को लेकर विवाद रहने लगा। हरजीत सिंह उर्फ काले उक्त स्टोन क्रेशर में जबर्दस्ती अपना हिस्सा चाहता था। परन्तु महल सिंह उसके दबाब में नहीं आ रहा था जिस हरजीत उर्फ काले महल सिंह से दुश्मनी रखने लगा अभियुक्त हरजीत उर्फ काले तथा प्रभजोत उर्फ पन्नू स्वयं भी स्टोन क्रेशर बनाना चाहते थे जिसका मृतक महल सिंह विरोध कर रहा था । अभियुक्त हरजीत सिंह उर्फ काले एंव उसके भाई सुखवंत सिंह के बीच पंचायत के माध्यम से एक बार विवाद सुलझाया गया, लेकिन काले संतुष्ठ नहीं था जिस कारण हरजीत सिंह, महल सिंह से और अधिक दुश्मनी रखने लगा । तब महल सिंह की हत्या की योजना के तहत हरजीत सिंह ने प्रभजोत से सिगनल एप के माध्यम से महल सिंह की हत्या करने के लिये अपने पास कारतूस व वैपन दिये। साथ ही शूटरों की व्यवस्था रखने को कहा। जिस पर हरजीत के कहने पर प्रभजोत ने उसके गैंगस्टर दोस्त को व्हाट्सअप से मृतक महल सिंह एंव उसके पुत्र की फोटो भेजी थी। 12 अक्टूबर को को प्रभजोत सिंह को हरजीत से सिंगनल एप के माध्यम से उक्त शूटरों के लिये मोटर साईकिल की व्यवस्था करने के लिये बताया। साथ ही इस काम में महिला रजविन्दर कौर व सेवी से सम्पर्क में रहने के लिये बताया। प्रभजोत ने बताया कि वह हरजीत सिंह के साथ मिलकर स्टोन क्रेशर लगाना चाहता था। जिसमें महल सिंह अड़ंगा डाल रहा था। इसलिये उसने हरजीत के बतायी योजना के अनुसार काम किया। केसर के माध्यम से सेवी व रजविन्दर कौर को भी आर्थिक फायदा रहता। इसलियें वह भी इस योजना में शमिल हो गये। 12 अक्टूबर को सिगनल ऐप के माध्यम से माध्यम से हरजीत उर्फ काले ने अपने गैंगस्टर साथी के साथ मोबाइल से बात करायी और बताया कि रात्रि ०9रू०० बजे तक शूटर काशीपुर पहुंच जायेगे। इस दौरान वह लगातार हरजीत सिंह उर्फ काले तथा कनाडा में बैठें दूसरे गैंगस्टर साथी के सम्पर्क में था। योजना के मुताबिक ०9 बजे रात्रि दोनों शूटरों को रेलवे स्टेशन काशीपुर से चीमा चौराहे होते हुये हरजीत सिंह उर्फ काले के घर ले गया जहाँ पर रजिवन्दर कौर व सेवी ने दोनों शूटरों के खाने-पीने की व्यवस्था की तथा प्रभजोत ने एक बाइक खरीद कर दोनों शूटरों को देने के लिये सुखदेव सिंह उर्फ सेवी के सुपुर्द की। अगले दिन 13 अक्टूबर को योजना के अनुसार दोनों शूटरों के साथ प्रात: चार बजे उठकर प्रभजोत अपने दोस्तों के साथ केदार नाथ निकल गया उससे पहले जंगल के रास्ते शूटरों को मृतक महल सिंह के घर पर ले जाकर पूरे रास्तों की रेकी करवाई बाद में शूटरों ने हत्या कर दी। पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि हरजीत सिंह उर्फ काले के सम्बन्ध में कारोबार तथा अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारियों एकत्र की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरजीत सिंह उर्फ काले का का कोई साधी आर्थिक कार्यों को स्थानीय स्तर पर देखता है इस घटना में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस टीम के द्वारा अज्ञात शूटरों तथा अभियुक्त हरजीत सिंह उर्फ काले की योजना में शामिल प्रभजोत सिंह पन्नू उर्फ प्रभजीत सिंह पुत्र श्री हरजाब सिंह निवासी ग्राम गुलजार पुर कुण्डेश्वरी थाना काशीपुर जिला उधमसिंह नगर उम्र 27 वर्ष रजविन्दर कौर पत्नी तरसेम सिंह निवासी ग्राम गुलजार पुर कुण्डेश्वरी थाना काशीपुर जिला उधमसिंह नगर उम्र 46 वर्ष सुखदेव सिंह उर्फ सेवी पुत्र श्री प्रीतम सिंह निवासी निवासी ग्राम गुलजार पुर कुण्डेश्वरी थाना काशीपुर जिला उधमसिंह नगर उम्र 55 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। हत्याकांड में हरजीत सिंह उर्फ काले पुत्र श्री गुरनाम सिंह, तनवीर सिंह पुत्र हरजीत सिंह तथा दो अज्ञात शूटर फरार चल रहे हैं।
डीआईजी ने बताया कि इस हत्याकांड में पंजाब के मूसावाला हत्याकांड की तरह योजना बनाई गई है। हत्या करने आये शूटर कौन थे और कहाँ रहते थे ये जानकारी गिरफ्तार किए गये अभियुक्तों को तक नहीं थी। गिरफ्तार अभियुक्तों से पिस्टल 3० कैलीवर नाजायज, कारतूस ०8 जिन्दा 3० कैलीवर, कारतूस ०2 खोखा 3० कैलीवर बरामद हुये हैं। हत्याकांड के षडयंत्र में शामिल अभियुक्तों को पकडऩे वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी, एसएसआई प्रदीप मिश्रा, उपनिरीक्षक अशोक काण्डपाल, धीरेन्द्र सिंह परिहार, सुरेन्द्र सिंह, नवीन बुधानी, दीपक जोशी, प्रदीप पंत, संतोष देवनी ,मनोज जोशी कांस्टेबल मुकेश कुमार, कुलदीप कुमार, गजेन्द्र गिरी, दीवान गिरी, त्रिभुवन सिंह, प्रेम कनवाल, सुरेन्द्र सिंह तथा महिला कांस्टेबल रिचा तिवारी के अलावा एसओजी रूद्रपुर ध् काशीपुर निरीक्षक विजेन्द्र शाह, उपनिरीक्षक विकास चौधरी, ललित विष्ट, कांस्टेबल कैलाश तोमक्याल, विनय यादव, प्रदीप कुमार, कुलदीप सिंह, दीवान बोरा, दीपक कठैत, राजेश भटट, भूपेन्द्र सिंह व निरीक्षक नरेश चौहान, विक्रम राठौर, एसओ रविन्द्र सिंह विष्ट, एसओ कमलेश भटट, उपनिरीक्षक दीपक कौशिक, अर्जुन गिरी शामिल हैं।

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