प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक ही विजन है कि उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाना है और इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए वह आये दिन उत्तराखण्ड के हर जिले में दस्तक दे रहे हैं जहां वह भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलकर उनका खूब मनोबल बढा रहे हैं वहीं वह आवाम का दिल जितने के लिए कोई कसर नहीं छोड रहे हैं। धरातल पर उनका रूप देखकर बच्चे से लेकर बूढे व्यक्ति भी उनका कायल हो रहा है और जिस तरह से एक जिले से लेकर दूसरे जिले में जाकर वहां विकास कार्यों की झडी लगाना और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को परखने के लिए वह खुद आगे बढते जा रहे हैं उससे राज्य के अन्दर अब एक शोर मचने लगा है कि पुष्कर सिंह धामी का एकमात्र संकल्प है कि रूकना मेरा काम नहीं…।
उत्तराखण्ड में युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अन्दर आवाम के दिलों को जीतने का जितना जज्बा देखने को मिल रहा है वैसा जज्बा आज तक शायद ही किसी पूर्व मुख्यमंत्री के अन्दर देखा गया हो? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तो उन्होंने एक ही संकल्प लिया था कि वह किसी के साथ भी द्वेष भावना के साथ व्यवहार नहीं करेंगे और यही कारण है कि वह पिछले एक साल से अपने संकल्प पर शत-प्रतिशत खरे उतरते हुए दिखाई दिये। हालांकि सोशल मीडिया पर कई बार सरकार को कुछ मुद्दों पर बिना बात के निशाने पर लेने का खेल हुआ लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबका साथ सबका विकास के संकल्प पर अपनी सत्ता चलाने का जो जज्बा अब तक दिखाया है उसी का परिणाम है कि राज्य के अन्दर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राजनीतिक ग्राफ इतना ऊफान पर है कि उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। सौम्य और विशाल हृदय के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अकसर औचक निरीक्षण के दौरान कहीं भी बच्चों व वृद्ध महिलाओं के बीच जाकर उन्हंे गले से लगाने का जो साहस दिखाते हैं वह उनकी उत्तराखण्ड के अन्दर राजनीतिक प्रसिद्धि को दिन दुगना चार चांद लगा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिर्फ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस मंत्र को अपने मन में धारण किये हुये हैं जब उन्हें विश्व के सबसे पॉवरफुल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फोन करके कहा था कि वह जिस कुर्सी पर आसीन हुये हैं वहां पहुंचने में लोगों का जीवन बीत जाता है। प्रधानमंत्री के सामने अपने आपको हमेशा अव्वल दिखाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य से भ्रष्टाचार, घोटालेबाजों पर नकेल और माफियाओं के मन में सरकार का बडा डर दिखाने के विजन में हर दिन आगे बढते जा रहे हैं उससे राज्य की जनता अपने आपको पुष्कर राज में सुरक्षित महसूस कर रही है। उत्तराखण्ड के अन्दर भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जंग शुरू कर रखी है वह आज उत्तराखण्ड के अन्दर एक इतिहास बनता जा रहा है कि युवा मुख्यमंत्री अपने संकल्प और वचन के धनी हैं और जो वचन वह दे देते हैं उसे पूरा करने तक वह खामोश नहीं रहते। यूकेएसएसएससी मामले में जिस तरह से भ्रष्टाचार की कुछ बडी-बडी मछलियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है उससे साफ नजर आ रहा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ युद्ध किस कदर आगे बढने लगा है। मुख्यमंत्री के हौसले देखकर भ्रष्टाचारी और घोटालेबाजों को इस बात का इल्म हो चुका है कि भाजपा हाईकमान ने पुष्कर सिंह धामी को राज्य के विकास और माफियातंत्र का संहार करने के लिए खुली छूट दे रखी है।
