राजपुर थाना प्रभारी का एक और मास्टर स्ट्रोक
पचास हजार के इनामी को पाताल से भी खोज निकाला
सीएम ने राजधानी को दिया दबंग कप्तान
एक साल बाद मास्टरमाइंड गिरफ्तार
देहरादून। मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त उत्तराखण्ड के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस कप्तान ने खुद मोर्चा संभाल रखा है और अपराध करने वाले एक-एक गुनाहगार को वह सलाखों के पीछे पहुंचाने के ऑपरेशन में लगे हुये हैं। मुख्यमंत्री को भी यह इल्म हो चुका है कि कप्तान डोबाल अपराध और माफिया जगत का सर्वनाश कर रहे हैं। पुलिस कप्तान के बिछाये जाल में पचास हजार का एक इनामी जिसने अपने भाई की हत्या के लिए सुपारी दी थी उसे राजपुर थाना प्रभारी ने आखिरकार पाताल से भी खोजकर उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। भाई की मौत पर भाई ने ही सम्पत्ति की बिसात बिछाई थी। पुलिस कप्तान ने राजपुर थाना प्रभारी की यह कहते हुए पीठ थपथपाई कि उसने जहां कोबरा गैंग का नेटवर्क तहस नहस कर दिया तो वहीं अब एक साल से पुलिस को चकमा देकर भूमिगत हो रखे मौत के ठेकेदार को पाताल से खोजकर उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जाखन स्थित कृष्णा विहार में पिछले वर्ष हुए चर्चित अजय भटेजा हत्याकांड में दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग एक वर्ष तक फरार चल रहे इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता और पचास हजार रुपये के इनामी साजिशकर्ता अमित भटेजा को राजपुर थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने अपनी पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार कर लिया। कप्तान ने बताया कि संपत्ति विवाद के चलते अमित ने अपने ही सौतेले भाई अजय भटेजा की हत्या की साजिश रची थी और इसके लिए पेशेवर अपराधियों की मदद ली थी। मामले में हत्या को अंजाम देने वाले शार्प शूटर राजन उर्फ जैकी और उसकी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पूछताछ में मौत के ठेकेदार द्वारा बताया गया कि उसका बड़ा सौतेला भाई अजय भटेजा शराब पीने का आदी था जिसके पास देहरादून व मसूरी में कई संपत्तियां थी। उक्त सम्पतियों में अभियुक्त के पिता का पैसा भी लगा हुआ था। अभियुक्त द्वारा अजय भटेजा से पूर्व में कई बार अपनी प्रापर्टी में से कुछ हिस्सा देने को कहा गया था पर वह उसे सम्पत्ति में कोई हिस्सा न देकर सारा पैसा अपनी अययाशी व शराब में लुटा रहा था। 23 मई 2025 को मौत का ठेकेदार अमित घटना मंे शामिल राजन उर्फ जैकी, उसकी प्रेमिका हुमेरा तथा एक अन्य व्यक्ति को अजय भटेजा का मसूरी स्थित कॉटेज दिखाने ले गया था। वहां अभियुक्त ने राजन उर्फ जैकी को अजय भटेजा द्वारा उसे सम्पत्ति में हिस्सा न देने की बात बताते हुए उसे रास्ते से हटाने तथा उसके एवज में राजन उर्फ जैकी को जाखन स्थित सम्पत्ति में आधा हिस्सा देने तथा नकुड सहारनपुर में हुए गोलीकांड जिसमें राजन उर्फ जैकी का नाम शामिल था, में उसका नाम ना आने देने का ऑफर दिया गया, जिस पर राजन उर्फ जैकी अजय भाटिया की हत्या करने के लिए तैयार हो गया। पुलिस कप्तान ने बताया कि योजना के मुताबिक 25 मई 2025 को राजन उर्फ जैकी तथा हुमेरा उर्फ जोया ने अजय भटेजा के जाखन स्थित घर में उसकी तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी तथा घटना के बाद दोनो मौके से भाग गये। घटना के अगले दिन प्रातः मौत का ठेकेदार अमित भटेजा मौका देखकर उक्त कमरे में गया तथा उसके द्वारा वहां रखे प्रॉपर्टी के कागजात व अन्य दस्तावेज उठाकर अपने साथ ले गया। उक्त घटना के बाद कुछ दिन पूर्व घटना में शामिल दोनो राजन तथा हुमेरा के पकडे जाने तथा उक्त घटना में अपना नाम सामने आने पर अभियुक्त अमित चोरी छिपे अपने वकील से मिलने देहरादून न्यायालय जा रहा था जहां पुलिस के द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
