रुद्रप्रयाग(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री दो दिवसीय प्रवास पर रूद्रप्रयाग गये तो वहां उन्होंने सुरक्षा के तामझाम को किनारे कर आवाम व भाजपा कुनबे से दिल खोलकर मिलने की जो दरियादिली दिखाई उसे देखकर भाजपा का कुनबा गद्गद् हो गया क्योंकि भाजपा कुनबे को इस बात का जरा भी आभास नहीं हुआ कि उनके बीच राज्य का मुखिया आया हुआ है बल्कि उन्हें ऐसे लगा कि परिवार का बडा उनका हाल-चाल पूछने और उन्हें सुरक्षा की गारंटी देने के लिए उनके बीच आया है। पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा कुनबे के साथ एक भाजपा नेता के रूप में उनसे खूब संवाद किया और यही कारण है कि रूद्रनाथ की भूमि पर आये पुष्कर सिंह धामी जिले में तैनात भाजपा कुनबे का दिल जीतकर चले गये।
बाबा रूद्रनाथ की धरती पर मुख्यमंत्री शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर रुद्रप्रयाग मे थे। धामी के स्वागत मे भगवान इंद्र ने भी हल्की बौछार कर फिजा पर चार चाँद लगा दिये हो और इन सबके साक्षी बने भगवान अगस्त्यमुनि। यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण था,इस दौरे से जनपद मे विकास की नयी इबारत लिखी गयी। सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी का जनपदीय दौरा अविस्मरणीय रहा। शनिवार व रविवार को अपने दौरे मे धामी ने अंतिम व्यक्ति की समस्या सुनी और उसके मौके पर समाधान की। अपने प्रौढ हो चुके राज्य मे पहली मर्तबा पहला मुख्यमंत्री धामी होगे जो लावा लश्कर छोड एक आमजन बन कर सूबे के लोगो से मुलाकात करते रहे है। तो वही उनके दौरे से एकबार फिर सुस्त पडे कार्यकर्ताओ मे जोश भर गया। इस यात्रा का यदि जनपद मे श्रेय है तो वह भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल का है जिन्होने अल्प समय मे सूबे के मुखिया को रुद्रप्रयाग के विकास के लिए आमंत्रित किया। धामी आज भी महिलाओ व युवाओ की पहली पसंद है। जिस अंदाज से धामी ने लोगो से मुलाकात की वही उन्हे महान बनाती है।
जिले मे वर्षो से अधर पर लटकी सैनिक स्कूल सहित तमाम जन मुद्दो पर धामी ने समाधान का भरोसा दिया है,साथ ही सूबे के नौजवानो का आह्वान भी किया कि बाबा केदारनाथ की कसम खाता हूँ कि पेपर लीक के दोषियो को सलाखो के पीछे करने मे कोई गुरेज नही करूंगा, ताकि युवाओ का भविष्य उज्जवल हो सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जाते जाते भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल की पीठ थपथपा गये। यह पहला मौका नही है किया जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल ने अपने को साबित न किया हो। 2०21 मे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के दौरे से पूर्व वे तीर्थ पुरोहितो से सफल वार्ता यात्रा को सफल करवा चुके है। धामी ने कहा कि यदि मेरे साथ कुशल योद्धा उनियाल जैसे है तो मै हर युद्ध को जीतने मे सक्षम हूँ।
