उत्तराखण्ड को फ्लावर की तरह खिला रहे ‘पुष्कर’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। गजब की बात है कि उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार एक ऐसा सीएम राज्य को मिला है जो दयावान की भूमिका में नजर आ रहा है और वह उत्तराखण्ड को फ्लावर की तरह हर दिन खिलाने के मिशन में आगे बढे हुये हैं लेकिन कुछ बहरूपिये चेहरों को सीएम का बढता रूतबा रास नहीं आ रहा है और वह सोशल मीडिया पर अपने कुछ चहेतों के चलते सीएम पर जो राजनीतिक निशाना लगाने के खेल में जुटे हुये हैं उन्हें इस बात का शायद इल्म नहीं है कि ऐसे निशानेबाजों को हमेशा मुंह की खानी पडती है? सोशल मीडिया पर भले ही दयावान बन चुके सीएम को निशाने पर लेने का खेल चल रहा हो लेकिन सीएम ने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपना आक्रोश नहीं दिखाया और न ही ऐसे लोगों पर पुलिस का शिकंजा कसने के संकेत दिये गये जिससे साफ नजर आ रहा है कि दयावान सीएम का एक मात्र मिशन है कि वह उत्तराखण्ड को सिर्फ आदर्श राज्य बनाने के लिए अपनी ऊर्जा लगायें।
उल्लेखनीय है कि जब राज्य में भाजपा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सत्ता चला रहे थे तो उनके कार्यकाल में एक ही आवाज सुनने को मिलती थी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की रफ्तार बुलट ट्रेन की तरह हैं और त्रिवेन्द्र सरकार पैसेंजर ट्रेन की तरह पटरी पर दौड रही है। इतना ही नहीं उत्तराखण्ड में सोशल मीडिया पर बार-बार यह आवाज उठती थी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी उत्तराखण्ड की कमान सौंप देनी चाहिए जिससे राज्य में माफियाराज का अंत हो और उत्तराखण्ड विकास की राह पर दौड पडे़। हालांकि जबसे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला है तबसे उत्तराखण्ड की तुलना उत्तर प्रदेश से नहीं की जा रही है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने एक बडा साहस दिखाते हुए जिस तरह से आईएएस रामविलास यादव, आईएफएस किशन चंद, आरबीएस रावत, संतोष बडोनी, मनोहर कन्याल, पोखरिया पर भ्रष्टाचार को लेकर जिस तरह से सीधा एक्शन किया है उससे राज्यवासियों को साफ दिखाई दे गया कि धाकड धामी भ्रष्टाचार के खिलाफ किस तरह से बुलट ट्रेन की तरह दौड रहे हैं। मुख्यमंत्री जहां भ्रष्टाचार व माफिया तंत्र पर बडा प्रहार करने में जुटे हुये हैं वहीं उनका बार-बार दयावान रूप आम इंसान को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि ऐसा मुख्यमंत्री जहां होगा उस राज्य में चारो तरफ खुशहाली ही होगी। मुख्यमंत्री का सौम्य रूप और उनका विशाल हृदय किसी से छिपा नहीं है और देखने में आता है कि कई बार बुजुर्ग महिलायें उन्हें अपना आशीर्वाद देने के लिए जब आगे बढती हैं तो दयावान की भूमिका में दिखाई दे रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन महिलाओं को अपनी मां मानकर उन्हें गले से लगा लेते हैं। रूद्रप्रयाग में बीते रोज भी एक ऐसा नजारा देखने को मिला जहां एक वृद्ध महिला उन्हें आशीर्वाद देने के लिए मंच के समीप पहुंची तो मुख्यमंत्री ने वृद्ध महिला का हाथ अपने दोनो हाथों से पकडकर उन्हें सिर झुकाकर प्रणाम किया और उनका आशीर्वाद लिया। पुष्कर सिंह धामी के इस दयावान रूप को देखकर वृद्ध महिला की आंखों से खुशी के आंसू छलछला गये और वहां मंच पर बैठे लोग भी मुख्यमंत्री के इस अद्भुत रूप को देखकर गद्गद् हो गये और वह यह कहने से नहीं चूके कि जिस राज्य का मुखिया एक वृद्ध महिला को सर झुकाकर प्रणाम करने के लिए आगे आ रहा हो उस मुख्यमंत्री के होते हुए समूचा उत्तराखण्ड फ्लावर की तरह क्यों न महके?
