उत्तराखण्ड के मंत्रिमण्डल में होगा बडा बदलाव!

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सीएम से मंत्रियों-विधायकों की गोपनीय रिपोर्ट मांगी हाईकमान ने?
दिल्ली बीजेपी मुख्यालय पहुंचे पुष्कर सिंह धामी
भाजपा-संघ के नेताओं को बदनाम करने के षडयंत्रकारियों की रिपोर्ट भी करी तलब?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी ने अपनी दूसरी पारी में जिस तरह से भ्रष्टाचारियांे व घोटालों के खिलाफ खुला दंगल कर रखा है उससे भाजपा के कुछ नेताओं समेत मीडिया के एक सिंडिकेट ने एक साजिश के तहत उन्हें अस्थिर करने का चक्रव्यूह रचा और विधानसभा भर्ती मामले में जिस तरह से एक एजेंडे के तहत मुख्यमंत्री को घेरने का खेल हुआ उससे राज्य की जनता भी काफी नाराज दिखाई दी और उनके मन में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि जो मुख्यमंत्री पारदर्शिता के साथ सरकार चला रहा है और भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर रखा है उन्हें आखिरकार एक एजेंडे के तहत जिन्होने भी अस्थिर करने का चक्रव्यूह रचा था उन सबके चेहरे बेनकाब होने चाहिए? उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक विधानसभा भर्ती मामले को लेकर काफी तपिश बनी हुई है और भाजपा हाईकमान को भी इस बात का इल्म है कि पुष्कर की राह मे ंकौन कौन कांटें बिछा रहे हैं? 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा हाईकमान उत्तराखण्ड में उन सभी घटनाक्रमों पर अपनी पैनी निगाह बनाये हुये हैं जो पिछले काफी समय से घटी हैं और यह सम्भावनायें जताई जा रही है कि उत्तराखण्ड में जल्द ही पुष्कर सिंह धामी की सरकार के मंत्रिमण्डल में बडा फेरबदल होगा? इस फेरबदल की सारी पटकथा दिल्ली में लिखी जा रही है और जो भाजपा के चंद नेता कुछ मीडिया के सिंडिकेट के साथ मिलकर विधानसभा भर्ती प्रकरण में मुख्यमंत्री को निशाना बनाने का चक्रव्यूह रचा था उसकी रिपोर्ट भी सम्भवतः तलब की गई है?
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड मंे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तो बेदाग होकर सत्ता चला रहे हैं और उन पर एक भी दाग न तो विपक्ष लगा पाया है और न ही मीडिया लेकिन सरकार में कुछ चेहरे ऐसे हैं जिन पर बार-बार आरोपों की बौछार सोशल मीडिया पर खुलकर लग रही है जिससे मुख्यमंत्री भी सकते में हैं। हैरानी वाली बात है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाइस सालों से राज्य में भर्तियों में हुये घोटालों में शामिल हर दानव को बेनकाब करने की कसम खाकर वह आगे आ रखे हैं और उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री देखने को मिला है जिसने भर्ती घोटालों का सच सामने लाने के लिए एसटीएफ व विजिलेंस को कमान सौंप रखी है। भर्ती घोटालों में बडे-बडे गुनाहगारों के चेहरे उजागर होते देख भाजपा के ही कुछ नेताओं के माथे पर बल पडे हुये हैं और उन्हें इस बात का भय सता रहा है कि कहीं हाकम सिंह और उनके रिश्तों का सच सामने आ गया तो उनके सामने एक बडा संकट आकर खडा हो जायेगा? एक ओर जहां राज्य में हुई हजारों के गुनाहगारों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक के बाद एक सलाखों के पीछे पहुंचाने का ऑपरेशन चलाये हुये हैं तो वहीं कुछ साजिशकर्ताओं ने मीडिया के एक सिंडिकेट के साथ मिलकर जिस तरह से विधानसभा में हुई भर्तियों को लेकर सरकार के मुखिया पर एक साजिश के तहत निशाना साधने का खेल खेला उससे उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी की धाकड चल रही सरकार को अस्थिर करने का फिर चक्रव्यूह रचकर यह साबित कर दिया कि पुष्कर सिंह धामी उनकी आंखों की किस तरह से किरकिरी बने हुये हैं? भाजपा के कुछ नेता भी पुष्कर सिंह धामी को पर्दे के पीछे रहकर अपना निशाना बनाने का जो खेल एक मीडिया के सिंडिकेट के साथ खेल रहे थे उसकी गूंूज दिल्ली भाजपा हाईकमान तक भी पहुंच चुकी है? चर्चा है कि बीजेपी हाईकमान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंत्रियों और विधायकों की गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। चर्चा यहां तक है कि विधानसभा भर्ती मामले में पार्टी और संघ के नेताओं को बदनाम करने के षडयंत्र में शामिल बीजेपी नेताओं और पत्रकारों के बारे में भी गोपनीय रिपोर्ट तलब की गई है? आज दोपहर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीजेपी मुख्यालय पहुंचे तो उसकी गूंज उत्तराखण्ड की राजधानी तक भी सुनाई दी अब यह सम्भावना प्रबल हो गई है कि उत्तराखण्ड में जल्द ही पुष्कर ंिसह धामी के मंत्रिमण्डल में बडा बदलाव देखने को मिलेगा?

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