देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड का इतिहास रहा कि अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने जहां अपनी ही पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को अपने से दूर किया और आंदोलनकारियों की सुध लेने के लिए उन्हें कोई बडी पहल नहीं की वहीं मात्र एक साल के कार्यकाल में उत्तराखण्ड की जनता पुष्कर सिंह धामी के दिल अजीज रूप को देखकर यह कहने से नहीं चूक रही कि उन्होंने तो आज तक ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा जो आवाम की पीडा को समझकर उसे सीने से लगाने के लिए आगे आया हो। उत्तराखण्ड में आंदोलन के दौरान सडकों पर राज्य को हासिल करने के लिए आंदोलन करने वाली वरिष्ठ आंदोलनकारी सुशीला बलूनी के बीमार होने की खबर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कानों में पहुंची तो वह सीधा सुशीला बलूनी को उनके आवास पर देखने के लिए पहुंच गये और उन्होंने वहां सुशीला बलूनी से साफ शब्दों में कहा कि चिंता मत करो मै हंू न। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने सुशीला बलूनी के परिजनों के साथ समय बिताकर उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ हैं और सुशीला बलूनी ऐसी महिला आंदोलनकारी हैं जिन्हें वह हमेशा आदर से सैल्यूट करते हैं और कई बार उनका उन्हें आशीर्वाद भी मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह रूप उत्तराखण्डवासियों के दिलों में वास करने लगा है और आवाम यह कहने से भी नहीं चूक रहा कि गजब के हैं पुष्कर जो आवाम के दिलों को जीतने का हुनर रखते हैं। उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने वाले हजारों आंदोलनकारियों के मन में हमेशा यह पीडा देखने को मिलती रही कि सरकार उनकी सुनती नहीं है और उनकी काफी मंागे पूरी करने के लिए पूर्व सरकारों ने कोई काम नहीं किया लेकिन जबसे पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कमान संभाली है उन्होंने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ हैं और उन्हीं की वजह से आज उत्तराखण्ड अलग राज्य है इसलिए उनके आंदोलन को कभी भूला जा सकता और उनकी हर मांग को सरकार पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वरिष्ठ आंदोलनकारी सुशीला बलूनी बहुत प्रभावित हैं और यही कारण है कि वह बार-बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपना आशीर्वाद देने के लिए उनसे मिलती रही हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर सुशीला बलूनी की पहचान एक बडे आंदोलकारी के रूप में मानी जाती है और उनका पुष्कर सिंह धामी से स्नेह किसी से छिपा नहीं है यही कारण है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जब इस बात की सूचना मिली कि सुशीला बलूनी का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है तो वह आनन-फानन में सुशीला बलूनी को देखने उनके आवास पर पहुंच गये और वहां उन्होंने सुशीला बलूनी के स्वास्थ्य के बारे में उनसे लम्बी चर्चा की और उन्हें साफ शब्दों में कहा कि वह घबराये नहीं मैं हूं न। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुशीला बलूनी के परिजनों के साथ काफी समय तक समय बिताया और उन्हें सम्पूर्ण विश्वास दिलाया कि वह उनके हर सुख-दुख में उनके साथ खडे हैं। वरिष्ठ आंदोलनकारी सुशीला बलूनी के आवास पर जिस तरह से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वास्थ्य की कुशलता जानने के लिए वहां जिस तरह से काफी समय बिताया उससे साफ नजर आ गया कि पुष्कर सिंह धामी एक मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि राजनीतिक एक ऐसे महानायक बन चुके हैं जहां तक पहुंचने में किसी राजनेता को एक अरसा लग जाता है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सौम्य रूप को देखकर उत्तराखण्डवासियों के मन एक आशा की किरण दौडने लगी है कि उनके राज में जहां व्यापारियों का व्यापार सुरक्षित रहेगा वहीं पुलिस का कोई भी अफसर किसी भी व्यक्ति के साथ वो सबकुछ नहीं कर पायेगा जो चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में पुलिस के कुछ अफसर करते आ रहे थे।
