देहरादून(संवाददाता)। 365, इस आंकड़े को देखकर हर कोई यहीं सोचता है कि यह संख्या तो एक वर्ष में होने वाले दिनों की होती है। तर्क तो यह भी सही है। यदि किसी व्यक्ति ने ऐसे किन्हीं 365 दिनों कुछ ऐसे कारनामे कर दिए हो जिसकी कुछ लोग मात्र कल्पना करते हो और कुछ ऐसे कारनामे होने के मात्र सपने देखते हो, तो फिर कैसा हो? दो दशक से अधिक का समय बीत गया है, जब एक आंदोलन हुआ था, एक अलग और समृद्ध राज्य बनाने के लिए। हालांकि आंदोलन के चलते राज्य का निर्माण तो हो गया उसके समृद्धता की तलाश लंबे समय से जारी रही। फिर एक वक्त ऐसा आया कि उस राज्य को एक ऐसा मुखिया मिला जो दिन रात सिर्फ अपने राज्य की समृद्धता के बारे में ही सोचता रहता है और अपने राज्य में विकास की नई धारा को बढ़ाने का ही काम करता आ रहा है। उपर की पंक्तियों में जिस राज्य का जिक्र किया गया है वह राज्य और कोई नहीं बल्कि अपना उत्तराखण्ड ही है और विकास को समर्पित वह मुखिया और कोई नहीं बल्कि हमारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही है। इस व्याख्यान की शुरूआत में 365 आंकड़े का जिक्र हुआ था जिसका उत्तराखण्ड और सीएम पुष्कर सिंह धामी यह संबंध है कि धामी को राज्य की सत्ता संभाले हुए 365 दिन हो गए है। धामी की यह विकास पारी ‘365 नॉटआउटÓ हैं, यानि कि 365 नाबाद। उत्तराखण्ड की जनता ने जिस आस्था के साथ भाजपा को एक बार फिर से प्रचंड बहुमत दिया था, उस आस्था के साथ धामी सरकार को शासन पूर्ण रूप से न्याय कर रहा है। यहीं कारण है कि राज्य की जनता जिस प्रकार से केन्द्र में देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी को लंबे समय तक देखना चाहती हैं, ठीक उसी प्रकार से वह राज्य में पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।
हम लोकतंत्र में रहते है, जहां हम खुद अपने शासक को चुन सकते है। सही शासक का चुनाव करना प्रत्येक नागरिक का फर्ज होता है और इस फर्ज को उत्तराखण्ड के नागरिकों ने भलीभांति निभाया और एक ऐसे शासक को चुनकर सूबे का मुख्यमंत्री बनाया जो लगातार राज्यहित में बेमिसाल फैसले ले रहे है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस प्रकार से राष्ट्रहित में अपने कदम बढ़ाएं हुए है, ठीक उसी प्रकार से उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड की जनता के हित में कार्य कर रहे है। उत्तराखण्ड में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार के पिछले कार्यकाल में एक समय ऐसा आया था जब राज्य में भाजपा की लोकप्रियता का ग्राफ काफी गिर रही था और अंदाजा लगाया जा रहा था कि इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव में भी पड़ सकता है। इसका आभास संभवत: भाजपा हाईकमान को भी लग गया था जिसको मद्देनजर रखते हुए भाजपा हाईकमान ने उत्तराखण्ड के मुखिया के रूप पुष्कर सिंह धामी को नियुक्त किया था। शुरूआत में तो राजनीतिक पंडितों को भाजपा का यह फैसला काफी अटपटा सा लगा लेकिन समय के बीतते-बीतते भाजपा यह फैसला एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ और उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली यह हुआ कि किसी राजनीतिक दल ने लगातार सत्ता दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई। पुष्कर सिंह धामी को सूबे का मुखिया बनाने वाला मास्टरस्ट्रोक भाजपा के हित में साबित हुआ। भाजपा हाईकमान के इस फैसले ने न सिर्फ पार्टी को मजबूत किया बल्कि राज्य की जनता को एक ऐसा धाकड़ मुख्यमंत्री भी दिया जो दिन रात अपने राज्य के लोगों के विकास के लिए वचनबद्ध तरीके जुटा हुआ है। सौभाग्य का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि राज्य की सत्ता लगातार दूसरी बार एक ऐसा विकास पुरूष के हाथों में आई है जो सूबे को विकास की बुलंदियों पर पंहुचाने में जुटा हुआ है। पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने हाल ही में अपनी दूसरी पारी के सौ दिन पूरे किए है। सरकार के सौ दिन पूरे होने पर उन्होंने कहा बीते 1०० दिनों में कई ऐतिहासिक निर्णय एवं राज्य के विकास हेतु विभिन्न योजनाएं चलाई गई हैं आने वाले समय में भी हम जनहित को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं चलाएंगे। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षा के अनुसार उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये सभी के सहयोग से काम किया जा रहा है। यह तो सबको पता है देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है और जिन्हें वह अपना मित्र कहते है यानि कि सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी, वे अपने मित्र के हर सपने को पूरा करने में जुटे हुए है। इस बात का अंदाजा सीएम धामी के द्वारा राज्यहित में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों से लग जाता है। इन कार्यों को देख कर हर किसी की जुबां से एक ही बात निकलती है कि, ”धामी करते है कमाल, राज्यहित में फैसले लेते बेमिसालÓÓ।
