उत्तराखण्ड का सितारा है ‘मेरा लाल’

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तर प्रदेश से अलग राज्य की मांग करने के लिए हजारों आंदोलनकारियों ने सडकों पर आंदोलन लडा था और इसमें उसने पुलिस की लाठी-डंडे और गोलियां तक खाई लेकिन आंदोलनकारी अपनी मंजिल को पाये बगैर अपनी राह से पीछे नहीं हटे और इस आंदोलन में कूदने वाली सुशीला बलूनी का नाम किसी से छिपा नहीं है। कंधे पर बैग लटकाकर उत्तराखण्ड की ंिचता करने वाली यह बुजुर्ग महिला आंदोलनकारी लम्बे समय से उत्तराखण्ड में चल रही सियासत को लेकर काफी आहत और चिंतित दिखाई देती थी और उनका यही मानना रहता था कि क्या आंदोलनकारियों ने जिस उत्तराखण्ड को पाने के लिए अपनी कुर्बानियां दी वह ऐसे शासनकाल के लिए तो नहीं दी थी लेकिन जैसे ही राज्य की कमान उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संभाली तबसे राज्य के आंदोलनकारियों के मन में भी एक बडी उम्मीद जागी है कि अब शहीद आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड जरूर बनेगा। वहीं आंदोलनकारी पीढी की सुशीला बलूनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की तो वह उन्हें देखकर भाव-विभोर हो गई और उन्होंने जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी पर अपना दुलार उडेलते हुए उन्हें अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि ‘उत्तराखण्ड का सितारा है मेरा लालÓ। उनका मुख्यमंत्री को भावुकता में दिया गया यह आशीर्वाद देखकर मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी भी भाव विभोर हो गये। वहीं अब राज्य में यह शोर भी मचने लगा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तो दिलों को जितने वाले जादूगर हैं जिन्होंने मात्र दस माह के भीतर राज्य की जनता के दिलों पर ऐसा जादू किया कि हर तरफ एक ही आवाज उठ रही है कि यह मुख्यमंत्री तो फिल्मी पर्दे वाला मुख्यमंत्री है जो आवाम की सेवा करने के लिए ही शायद पैदा हुआ है।
उत्तराखण्ड में आंदोलन के दौरान आंदोलनकारी सुशीला बलूनी का राजधानी की जनता ने सैकडों पर रौद्र रूप भी देखा क्योंकि वह कहीं पे भी गलत हो रहे कामों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सडकों पर उतर आती थी और यही कारण है कि आंदोलन से लेकर आज तक सुशीला बलूनी हर इंसान की दुलारी मानी जाती हैं। सुशीला बलूनी ने उत्तराखण्ड राज्य की लडाई के लिए जो संघर्ष सडकों पर किया वह किसी से छिपा नहीं है और उत्तराखण्ड के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों से वह मुलाकात करती हुई भी कभी दिखाई नहीं दी लेकिन उत्तराखण्ड में दस माह से सत्ता चलाने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्वच्छ राजनीति से सुशीला बलूनी भी गद्गद् नजर आ रही हैं और उनका भी मानना है कि युवा जोश पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को उस ऊंचाई तक ले जायेंगे जहां इक्कीस साल बाद भी सरकार का कोई मुख्यमंत्री नहीं ले जा पाया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जब सुशीला बलूनी का आमना-सामना हुआ तो आंदोलनकारी पीढी सुशीला बलूनी ने पुष्कर सिंह धामी को देखकर उन पर जिस सौम्य रूप से अपना दुलार उडेला और सबके सामने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का सितारा है मेरा लाल तो वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी भी भाव-विभोर हो गये क्योंकि सुशीला बलूनी ने अपने आज तक के दौर में किसी भी राजनेता की चापलूसी नहीं की क्योंकि राज्य निर्माण में सुशीला बलूनी का अद्म्य साहस के किस्से सब जानते हैं और यह भी जानते हैं कि सुशीला बलूनी एक ऐसा चेहरा है जो राजनेताओं के आंगन में जाने से परहेज करता है लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का खिलखिलाता चेहरा देखकर जिस तरह से सुशीला बलूनी ने उन्हें अपना आशीर्वाद दिया उससे यह साफ हो गया कि पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर ऐसी चमक जरूर है जिसे देखते ही हर कोई उनका कायल हो जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए अभी तक के कार्यकाल में कभी घमंड को अपने सिर पर नहीं बैठने दिया और उन्होंने राज्य की जनता के साथ जिस तरह से उन्हें अपना मानकर गले से लगाया है वह उत्तराखण्ड के भविष्य के लिए शुभ संकेत ही माना जा रहा है।

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