चम्पावत में हृदय सम्राट को मान लिया विधायक

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चम्पावत(संवाददाता)। उपचुनाव में चारो तरफ पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी पर बडा विश्वास रखते हुए समूचा चम्पावत जिस तरह से आज तडके ही चम्पावत का भाग्य लिखने के लिए घर से पोलिंग बूथ पर निकला उस जनसैलाब और हुजूम को देखकर चारो ओर एक ही आवाज सुनने को मिल रही थी कि चम्पावत ने हृदय सम्राट बन चुके पुष्कर सिंह धामी का आज उपचुनाव में राजतिलक कर दिया है और इस राजतिलक की घोषणा बस तीन जून को होनी बाकी है। चम्पावत के 151 बूथों पर जिस तरह से भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का अपने मुख्यमंत्री को लेकर हो रहे चुनाव को देखते हुए एक बडा जोश दिखाई दे रहा था वह यह बताने के लिए काफी है कि पुष्कर सिंह धामी ने छोटे से छोटे कार्यकर्ताओं के मन में अपनी एक बडी जगह बना ली है और यही कारण है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को इक्कीस साल बाद पुष्कर सरकार में मिल रहे आत्मसम्मान को लेकर उनके हौसले सातवें आसमान पर हैं। पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी जहां-जहां निकल पडी वहीं उनके साथ आवाम का कारवां जुडता चला गया और मतदान स्थलों पर पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी को देखकर जिस प्रकार से मतदाताओं के अन्दर एक खुशी की लहर देखने को मिली उससे साफ संकेत मिल गये कि चम्पावत ने पुष्कर ंिसह धामी की जीत का पैमाना इतना बडा करने का संकल्प लिया हुआ है जिसकी गूंज समूचे देश के अन्दर गंूजे की जिस पुष्कर सिंह धामी को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना सखा बना रखा है वह सखा अब चम्पावत का नक्शा बदलने के लिए तीन जून के बाद चम्पावत में अंगत की तरह खडा मिलेगा। पुष्कर सिंह धामी ने जब चम्पावत से उपचुनाव लडने का ऐलान किया था उसी समय से समूचे चम्पावत ने संदेश दे दिया था कि पुष्कर सिंह धामी अब चम्पावत के हो गये हैं और कांग्रेेस का कोई भी नेता चाहे कितना भी बडबोलापन क्यों न कर ले पुष्कर सिंह धामी के सामने उनका प्रत्याशी कहीं भी नहीं टिक पायेगा। पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखण्ड के बढते कदमों को देखकर कांग्रेस के अन्दर एक बेचैनी पैदा हो गई और यही कारण था कि कांग्रेस के जो नेता दमभर रहे थे कि पुष्कर सिंह धामी को खटीमा की तर्ज पर चम्पावत में भी चुनाव हरायेंगे उनके अन्दर इतना साहस नहीं था कि वह पुष्कर सिंह धामी के सामने आकर चुनाव लडने का साहस दिखा पायें।
पुष्कर सिंह धामी ने अपने इस चुनाव में समूचे चम्पावत को एक ही संदेश दिया कि चम्पावत के विकास के लिए मतदान वाले दिन हर व्यक्ति और युवा मतदान स्थल पर मतदान करने के लिए पहुंचे और तीन जून को जब ईवीएम से नतीजे सामने आये तो उस दिन ईवीएम से सिर्फ कमल की लडियां ही लडियां बाहर निकले। पुष्कर सिंह धामी के इस संदेश का चम्पावत की जनता में इतना असर देखने को मिला कि युवा पीढी से लेकर महिलायें, पुरूष और वृद्ध अपने सब काम छोडकर अपने मतदान स्थलों पर मतदान करने के लिए निकल पडे और उनका एक ही कहना था कि वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए मतदान स्थलों पर मतदान करने के लिए आये हैं।

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