नैनीताल(संवाददाता)। जनपद में एक भी अपराध होते ही पुलिस कप्तान तब तक खामोश नहीं बैठते जब तक अपराधियों को सलाखों के पीछे नहीं पहुंचा दिया जाता। बीते रोज एक युवक की पत्थरों से सिर पर वार कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को एक चुनौती के रूप में लेते हुए कप्तान ने पुलिस टीमों को मैदान में उतारा और उसके बाद हत्या को अंजाम देने वाले गुनाहगार को मात्र पांच घंटे के भीतर ही दबोचा गया तो उसने कप्तान के सामने यह राज खोला कि मृतक उसे मां-बहन की गालियां देता था जिस कारण उसने गुस्से में आकर उसे मौत के घाट उतारा था।
आज मीडिया से रूबरू होते हुए जनपद के पुलिस कप्तान पंकज भट्ट ने बताया कि बीते रोज पूरन चन्द्र सनवाल के घर के समाने खाली प्लाट में प्रकाश वैरागी उम्र-25 वर्ष की निर्मम तरीके से पत्थरों से सिर में वार कर मोहित चंद आर्य ने निर्मम हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के बाद हत्यारे को पकडने के लिए पुलिस टीम को लगाया गया और पुलिस टीम ने घटना के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और अपने मुखबिरों को सक्रिय किया। कप्तान ने बताया कि दरोगा प्रवीन कुमार जो कि थाना मुखानी में तैनात हैं को टीम के साथ हत्यारे की तलाश में लगाया गया जिसके बाद पुलिस टीम ने मात्र पांच घंटे के भीतर ही हत्याकांड को अंजाम देने वाले मोहित चंद्र आर्य को दबोच लिया जो अपने कपडे बदलकर कहीं भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसे चौफूला चौराहे से गिरफ्तार किया। पुलिस कप्तान ने बताया कि जब हत्याकंाड में शामिल आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मृतक प्रकाश उसे मां-बहन की गालियां दे रहा था जिसके चलते उसने गुस्से में आकर उसके मुंह व सिर पर पत्थरों से हमलाकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस कप्तान ने हत्यारे को पकडने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रूपये ईनाम दिया इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों को भी यह देखने की आवश्यकता है कि उनका बेटा कहीं नशे की लत में तो नहीं लग गया इसलिए परिवार के लोगों को अपने बच्चों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि काफी मामले ऐसे सामने आ रहे हैं जो नशे के कारण हुये हैं इसलिए पुलिस नशा तस्करों पर भी लगातार प्रहार कर रही है।
