सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती न दे शासन

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देहरादून(संवाददाता)। उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा सहस्त्रधारा रोड के चौड़ीकरण में प्रस्तावित 2०57 पेड़ों के कटान पर रोक लगाने के आदेश के क्रियान्वयन तथा इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती न दिए जाने का अनुरोध करते हुए संयुक्त नागरिक संगठन की ओर से सचिव सुशील त्यागी ने मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव वन, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन आर के सुधांशु को पत्र लिखा गया है।
यहां जारी एक बयान में उन्होंने पत्र में अनुरोध किया गया है कि जनहित में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के मापदंडों के अंतर्गत उपरोक्त योजना पर पुनर्विचार करते हुए अन्य वैकल्पिक उपायों को क्रियान्वयन किया जाना राज्य के हित में है। उन्होंने बताया है कि इस मार्ग पर वाहनों के जाम जैसी समस्याएं भी नहीं है तदापि सड़कों के किनारे के विद्युत पोलों को हटाकर तथा इन्हें भूमिगत करते हुए अतिक्रमण हटाने के साथ यह रोड और चौड़ी की जा सकती है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि शहर की भीतरी सड़कें यातायात के दबाव से पहले से ही बदहाल हैं। उन्होंने कहा कि इन सड़कों पर लगते जाम से उत्पन्न प्रदूषण से आम जनजीवन के स्वास्थ्य को खतरा है ।राजधानी में कंक्रीट के जंगल उग रहे हैं इनमें विगत 2० सालों में 6०० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और देश के सबसे प्रदूषित शहरों में देहरादून का पांचवा स्थान है। उन्होंने कहा कि यहा वर्षा के पैटर्न में भी बदलाव आ गया है तथा उचचतम तापमान वृद्धि के रेड अलर्ट जारी हो रहे हैं। सुझाव दिया गया है की राजधानी की 3० बाटल नेक को खुलवाने, सड़कों से अतिक्रमण हटवाने, यातायात के दबाव को कम करने हेतु वैकल्पिक उपाय के रूप में एलिवेटेड रोड के निर्माण को प्रोत्साहित किया जाए और सर्वोच्च न्यायालय में किसी भी प्रकार की कोई चुनौती न किये जाने की अपील की गई है।

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