प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा संकट का सामना श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम मंे अकसर उठाना पडता था और हर यात्रा काल में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु धाम के आसपास चिकित्सा सेवा, पानी, ठहरने की व्यवस्था को लेकर सरकार को कटघरे मंे खडा करते थे लेकिन उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब केदारनाथ यात्रा पर आ रहे हजारो श्रद्धालु वहां की व्यवस्था को देखकर आश्चर्यचकित हैं और वह इसके लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री धामी को थैक्यू बोल रहे हैं और साथ ही यह कहने से भी नहीं चूक रहे कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड की शान हैं और उन्होंने जिस तरह से केदारनाथ में श्रद्धालुओं के लिए हर व्यवस्था कर रखी है उससे आने वाले समय में केदारनाथ धाम में इतनी आपार संख्या मंे श्रद्धालु दस्तक देंगे जिसकी कल्पना भी पुष्कर सरकार ने नहीं की होगी।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बाबा केदारनाथ से लगाव किसी से छुपा नहीं है और यही कारण है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी बाबा केदारनाथ के द्वार के खुलने को लेकर उनमें जिस तरह से एक बडी तडफ देखने को मिली उससे साफ दिखाई दे गया था कि पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता देवी में बाबा केदारनाथ के प्रति कितनी बडी श्रद्धा है। पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर निशुल्क चिकित्सा, पानी और ठहरने की व्यवस्था कर रखी है। पुष्कर ंिसह धामी का बाबा केदारनाथ के प्रति असीम प्रेम देखकर देश के हजारो श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर पर माथा टेकने के लिए उत्तराखण्ड में अपनी दस्तक दी है। बाबा केदारनाथ धाम में पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई बेहतर व्यवस्था को देखकर देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालु अपने आदर सत्कार व सरकार द्वारा की गई धाकड व्यवस्था से गद्गद् नजर आ रहे हैं और उन्होंने एक स्वर में सिर्फ एक ही उद्घोष लगा रखा है कि थैक्यू धामी जिन्होंने बाबा केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को ऐसी सुविधायें प्रदान की हैं जिसका उन्हें इल्म भी नहीं था। मुख्यमंत्री के आदेश पर रूद्रप्रयाग के डीएम मयूर दीक्षित और पुलिस कप्तान आयुष अग्रवाल ने केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए ऐसी व्यवस्था बना रखी है जिस देखकर सब श्रद्धालु आनंद का अनुभव कर रहे हैं। केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालुआंे से जब बातचीत की गई तो उनके चेहरे पर दिखाई दी हसी और प्रसन्नता एक ही संदेश दे रही थी कि केदारनाथ की व्यवस्था उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस शैली से की है वह अकल्पनीय है। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि केदारनाथ में आने वाले श्रद्धालु वहां की व्यवस्थाओं और बाबा केदारनाथ के दर्शन को लेकर सरकार पर कोई उंगली नहीं उठा रहे हैं बल्कि वहां आने वाले श्रद्धालु पुष्कर सिंह धामी की रणनीति के कायल दिखाई पडे और उनका एक ही कहना था कि जिस राज्य का मुख्यमंत्री पुष्कर फ्लावर की तरह हो तो वहां न तो किसी पर्यटक को और न ही किसी श्रद्धालु को कोई पीडा हो सकती है।
