देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री के उपचुनाव का बिगुल बज चुका है और इस बिगुल की शुरूआत देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पौडी में कर दी है और योगी आदित्यनाथ और पुष्कर धामी ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए जिस तरह से आवाम के सामने पलायन पर रोक लगाने का बडा विजन रखा है उससे साफ नजर आ रहा है कि पुष्कर ंिसंह धामी अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए किस रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश की सीमायें सुरक्षित रहने से दोनो राज्यों की जनता अपने आपको सुरक्षित महसूस करेगी और यही कारण है कि उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर सिंह धामी एक महानायक के रूप में राज्य की जनता के दिलों में बसते जा रहे हैं। गजब बात तो यह है कि चम्पावत उपचुनाव में कांग्रेस के पास कोई योद्धा अभी तक ऐसा दिखाई नहीं दिया जो पुष्कर सिंह धामी से उपचुनाव लडने का साहस दिखा सके लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखण्ड में महानायक बन चुके पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव में हराने का ख्वाब देख रहे हैं और उनका यह ख्वाब एक ख्वाब बनकर न रह जाये इसको लेकर चम्पावत की जनता अभी से ही साफ संदेश दे रही है कि सीएम पुष्कर धामी हम तुम्हारे हुये? विधानसभा चुनाव में बडे-बडे दावे करने वाली कांग्रेस जहां सरकार बनाने का ढोल पीट रही थी वहीं उनके बडे-बडे योद्धा चुनाव हार गये और अब एक मात्र मुख्यमंत्री के लिए उपचुनाव हो रहा है तो ऐसे में कांग्रेस कैसे यह सपने पाल रही है कि वह पुष्कर सिंह धामी को खटीमा की तरह हरा देगी? सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पास ऐसा कोई तीसरा नेत्र है जिसे खोलकर उन्होंने यह पता लगा लिया हो कि उपचुनाव में उनकी पार्टी पुष्कर सिंह धामी को चुनाव हरा देगी? पुष्कर सिंह धामी के उपचुनाव को लेकर कांग्रेस सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित दिखाई दे रही है बाकि चम्पावत में वह चुनाव के अन्दर क्या करिश्मा दिखा पायेगी यह उसे भी इल्म है कि जब चंद समय पूर्व ही उनका प्रत्याशी भाजपा नेता से चुनाव हार गया तो फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने ऐसा कौन सा कांग्रेस का बडा महायोद्धा चुनाव लडने के लिए आगे आने का दम दिखायेगा जिससे कांग्रेस ढोल पीट सके कि वह उपचुनाव जीत रही है?
उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार पुष्कर सिंह धामी ने बाइस साल से सत्ता वापसी को लेकर चले आ रहे एक बडे मिथक को चूर-चूर करके रख दिया था और राज्य के अन्दर उन्होंने अपने दम पर जिस तरह से एक बार फिर विधानसभा चुनाव में बडी जीत हासिल कर उत्तराखण्ड के अन्दर भगवा फहराया उससे उत्तराखण्ड के अधिकांश जिलों की जनता पुष्कर ंिसंह धामी को राज्य का एक बडा महानायक मान चुकी है और उसका मानना है कि पुष्कर सिंह धामी जो कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में पिछले दस माह से एक बडे विजन के तहत काम कर रहे हैं उसको देखते हुए यह साफ दिखाई दे रहा है कि पुष्कर सिंह धामी लगभग पन्द्रह साल तक सत्ता पर राज करते रहेंगे? पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर एक ऐसे मुख्यमंत्री के रूप में उभर कर सामने आये हैं जिनमें सत्ता का तिनकाभर भी अहंकार दस माह में किसी को देखने को नही ंमिला और तो और उनके अब तक के कार्यकाल में राज्य के अन्दर कहीं भी भ्रष्टाचार व घोटाले का कोई शोर मचा हो ऐसा भी देखने को नही ंमिल पाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा बने पुष्कर सिंह धामी एक बडे संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में अपनी किचन टीम के साथ जिस तरह से रात-दिन एक बडे विजन के तहत काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं उससे कांग्रेस के अधिकांश बडे नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता जरूर सता रही होगी? उत्तराखण्ड में भाजपा को 47 सीटें दिलाकर एक बार फिर प्रदेश के अन्दर भाजपा की सरकार बनाने वाले पुष्कर ंिसह धामी को भले ही चुनाव के उस दौर में कुछ अपनों ने भीतरघात का खेल खेलकर चुनाव हरवा दिया हो लेकिन इस हार का बदला चम्पावत की जनता पुष्कर सिंह धामी को बहुत बडे अन्तर से चुनाव में जीत दिलाकर लेने का मन बना चुकी है? भले ही कांग्रेेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा दम भर रहे हों कि पुष्कर सिंह धामी को खटीमा में जिस तरह से हार का सामना करना पडा उसी तरह चम्पावत में भी उन्हें चुनाव के अन्दर हार मिलेगी। भाजपा के चंद नेताओं का कहना था कि कांग्रेस दस साल से चुनाव जीतने का ख्वाब देखती आ रही है उसका ख्वाब अभी पन्द्रह साल तक पुष्कर ंिसह धामी पूरा नहीं होने देंगे क्योंकि वह जिस विजन के तहत उत्तराखण्ड को विकास की राह पर ले जाने के लिए आगे बढ चुके हैं उससे उत्तराखण्ड के अन्दर कांग्रेस का उभरना असम्भव है और चम्पावत की जनता ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उपचुनाव में अभूतपूर्व वोटों से जीताने का बडा संकल्प ले लिया है और इसका सच तीन जून को चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस को खुद दिखाई दे जायेगा।
