देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी दूसरी राजनीतिक पारी में भ्रष्टाचार, माफियाओं व मिलावट खोरो पर सख्ती के साथ उन पर डंडा चलाने के लिए आगे आ गये हैं और यही कारण है कि अब मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों को देखते हुए राज्य का सिस्टम भी चौकन्ना हो गया है और इसी का परिणाम है कि आज एडीएफ और विजिलेंस ने सुबह डेरियों पर अपना शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन चलाया और साफ अल्टीमेटम दे दिया कि राज्य में मिलावटखोर अब बच नहीं पायेंगे।
राजधानी देहरादून की दूध की डेरियो पर अनहाइजेनिक तरीके से डेरी प्रोडक्ट्स बेचकर लोगो की जान के खिलवाड़ किया जा रहा है। सूचना पर एफडीए और विजलेंस की टीम देहारादून की डेरियों पर संयुक्त निरीक्षण के लिए पहुँची। छापेमारी के दौरान टीम को कई खामियां पाई गई,, जिसके चलते टीम ने 12 लोगो ड्ढश्वद्ब5ह्नशद्गह्यड्डङ्क नोटिस दिए और पनीर और डेयरी प्रोडक्ट्स के सैम्पल जांच के लिए रुद्रपुर भेजे। डेप्युटी कमिश्नर गढ़वाल आर एस रावत के नेतृत्व में एफडीए और विजिलेंस की टीम ने सुबह पांच बजे कार्रवाई को अंजाम दिया। गौरतलब है की अन्य राज्यो से देहरादून की डेरियो पर सुबह-सुबह डेरी प्रोडक्ट्स की बड़ी खेप पहुंचती है और कई डेरियो को बेहद ही कम कीमत पर पनीर सप्लाई किया जाता है। वही देहरादून के कई डेयरी संचालक भी मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अन्य राज्यो से गाडिय़ों में लाया हुआ पनीर खरीदते है जो कि देहारादून के रेस्ट्रॉन्ट,छोटी डेयरी,और अन्य दुकानों पर भी सप्लाई होता है। वही शादियों का सीजन चल रहा है ऐसे में डेरी प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड के चलते भी मिलावटखोर देहरादून में अपने मंसूबो को अंजाम दे रहे है। सवाल यह उठते है कि डेरी संचालक कम कीमतों पर पनीर को कैसे खरीदते है और इतनी कम कीमत पर मिलने वाला पनीर कितना खाने योग्य होता है? वही डेरी संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अन-हाइजेनिक तरीके से डेरी प्रोडक्ट को बेच रहे है जो देहरादून की जनता के लिए आने वाले समय में स्वास्थ्य में एक बड़ी हानि पहुंचा सकता है।
