देहरादून(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लम्बे अर्से तक सत्ता पर काबिज रहने का गुरूमंत्र धारण करने वाले उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाइस सालों से खनन माफियाओं के चले आ रहे ंिसंडिकेट पर जिस तरह से प्रहार करना शुरू किया है उससे खनन माफियाओं के मन में पुष्कर सिह धामी का एक बडा डर देखने को मिल रहा है और यह भी संभावनायें व्यक्त की जा रही हैं कि माफियाओं के सिंडिकेट को खनन चोरी के मुकदमों में पुष्कर राज में जेल मिलनी तय है क्योंकि खनन चोरी के मुकदमों को आज तक सिस्टम हल्के में लेता आ रहा है और खनन माफियाओं से सिर्फ खनन का जुर्माना वसूल कर उनके हौसलों को बुलंद करता आ रहा है लेकिन अब राजधानी में जिस तरह से डीएम ने मुख्यमंत्री के आदेश पर खनन माफियाओं पर बडा एक्शन लेने का कदम आगे बढाया है उससे राज्यवासियों के मन में एक आशा की किरण है कि अब राज्य के अन्दर माफियाराज का अंत होना तय है? उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड ने बाइस साल से राज्य सरकार पर हजारो करोड रूपये का कर्ज चढता जा रहा है और खनन माफियाओं का सिंडिकेट सरकार की दरियादिली के चलते नदियों का सीना चीर कर आये दिन जिस तरह से अवैध खनन का खुला कारोबार करता आ रहा है उस काले कारोबार पर अब स्वच्छ प्रशासन देने की राह पर आगे बढ चुके पुष्कर सिंह धामी ने खनन माफियाओं पर बडी नकेल लगाने के लिए राज्य के सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिये हुये हैं। खनन माफियाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती से खनन माफियाओं का सिंडिकेट घबराया हुआ नजर आ रहा है और वहीं राजधानी के डीएम राजेश कुमार ने जिस तरह से खनन माफियाओं पर बडा प्रहार करना शुरू किया है उससे साफ दिखाई दे रहा है कि अब खनन माफियाओं का अंत निश्चित है और कोई भी खनन माफिया अगर सरकार का खनन उठाता हुआ पकडा गया तो उसके खिलाफ सिस्टम खनन चोरी के मुकदमें दर्ज कराने के लिए भी आगे आ सकता है।
