देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में पत्रकारिता से अपना सफर शुरू करने वाले उमेश कुमार को भ्रष्टाचार व घोटाले उजागर करने के लिए उन्हें और उनके परिवार के साथ साजिशों का जो वर्षों तक तांडव चला वह किसी से छिपा नहीं रहा और फर्जी मुकदमें में उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके घर से जब्त किये गये इलैक्ट्रोनिक सामान को फॉरेंसिक भेजने के नाम पर उसके साथ बडी छेडछाड करने का खुलासा हो रहा है और फॉरेंसिक गायब होने पर गबन का मुकदमा दर्ज हो चुका है और जांच के दौरान आयुष गौड सहित कई पुलिस वाले संदेह के घेरे में है और एक बडबोली महिला और पूर्व विधायक के भी इस साजिश में शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है? विधायक उमेश कुमार को बदनाम करने के लिए लगातार वीडियो को एडिट कर बडी साजिशें चलाई जा रही हैं और इस साजिश में एक पूर्व विधायक भी उमेश कुमार को विधायक की कुर्सी पर आसीन देख उन्हें राज्य में बदनाम करने के लिए बडे-बडे हथकंडे अपनाकर साजिश की वीडियो को अपलोड करने की धमकी दे रहा है। अब पुष्कर सरकार को भी चाहिए कि वह उत्तराखण्ड के विधायक उमेश कुमार के खिलाफ साजिशें रचने वाले पुलिस अफसर, पूर्व विधायक के खिलाफ एक बडी जांच बिठाकर उन्हें बेनकाब करवायें जो उत्तराखण्ड जैसे शांतप्रिय राज्य में फॉरेंसिक के साथ छेडछाड कर विधायक उमेश कुमार को बदनाम करने की चंद पुलिस अफसरों के साथ साजिशें रच रहा है? गौरतलब है कि 2०18 में पत्रकार उमेश कुमार पर राजपुर थाने में एक साजिश के तहत फर्जी मुकदमा कायम किया गया और इस मुकदमें को लम्बे समय तक गोपनीय बनाकर रखा गया और अचानक पत्रकार उमेश कुमार के नोएडा स्थित आवास पर एक बडी चाल चलकर उन्हें घर से गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी गिरफ्तारी के लिए जितनी पुलिस फोर्स भेजी गई उसे देखकर तो यही आभास हुआ था मानो पुलिस किसी दुर्दांत आतंकवादी को पकडने के लिए आई हो। पुलिस टीमों ने उस समय पत्रकार उमेश कुमार के घर से इलैक्ट्रोनिक का काफी सामान अपने कब्जे में लिया था और इस इलैक्ट्रोनिक सामान को फॉरेंसिक में भेजा गया था। उमेश कुमार ने पहले से ही आशंका जता दी थी कि उनकी फॉरेंसिक के साथ सरकार का एक बडा राजनेता व कुछ पुलिस अफसर छेडछाड करा सकते हैं। पत्रकार उमेश कुमार की आशंका उस समय सच साबित हुई जब गोपनीय रूप से इस बात का पता चला कि उमेश कुमार के फॉरेंसिक के साथ छेडछाड की गई है और फॉरेसिंक गायब हो गया है। फॉरेंसिक गायब होने के बाद जांच में धारा 4०9 यानि सरकार सम्पत्ति का गमन किये जाने की धारा भी उसमें जोड दी गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा विधायक उमेश कुमार के फॉरेंसिक के साथ छेडछाड प्रकरण में आयुष गौड सहित कई पुलिस वाले संदेह के घेरे में है और यहां तक आशंका उठ रही है कि इस साजिश में एक बडबोली महिला और पूर्व विधायक भी शामिल हो सकते हैं? चर्चा यहां तक है कि पत्रकार से विधायक बने उमेश कुमार के फॉरेंसिक के साथ हुई छेडछाड का खेल बडे नाटकीय ढंग से चला और लगातार वीडियो को एडिट करके उन्हें बदनाम करने की साजिशें राज्य के अन्दर चलाई जा रही हैं क्योंकि जिस तरह से उमेश कुमार ने मात्र पांच महीने के भीतर ही खानपुर का चुनावी रण निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीता उससे कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं की नींद उडी हुई है। आशंका यहां तक है कि एक पूर्व विधायक भी उमेश कुमार को साजिश के तहत बदनाम करने की चाल चलकर सोशल मीडिया पर वीडियो डालने की धमकी दे रहा है? बताया जा रहा है कि उमेश कुमार के फॉरेंसिक के साथ हुई छेडछाड में आयुष गौड की पुलिस के सामने कई बार पेशी हो चुकी है और उससे कई राज खुलने का अंदेशा बना हुआ है। बता दें कि पहले भी कुछ वीडियो एडिट करके नेपाल नम्बरों से सोशल मीडिया पर विधायक उमेश कुमार को सामाजिक व आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए वायरल किये गये थे। अब देखने वाली बात होगी कि क्या उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के खिलाफ रची जा रही साजिशों को बेनकाब करने के लिए क्या एक बडी जांच कराने का हुक्म देंगे जिससे पुलिस के कुछ अफसर और वो पूर्व विधायक भी बेनकाब हो सके जिन्होंने उमेश कुमार के बढते राजनीतिक कद से भयभीत होकर उन्हें बदनाम करने का चक्रव्यूह रचा है?
