पलायन रोकने के लिए नई पहल

0
152

उत्तरकाशी(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सत्ता में फिर वापसी के बाद उनका प्लान रोकने को लेकर एक्शन प्लान शुरू हो गया है और इसी के चलते 6० साल बाद चीन सीमा से जिले के जादुंग एवं नेलांग गांव को पुन: आबाद करने की कवायदें तेज हो गई। जिला अधिकारी ने शुक्रवार को बैठक कर 28 एवं 29 मार्च को ग्राम जादुंग का संयुक्त सर्वे किया जायेगा जबकि माह अप्रैल में ग्राम नेलांग का संयुक्त सर्वे किया जायेगा।
बता दें की सामरिक दृष्टि से सेना बॉर्डर से सटे गांव को पुन: अब आप भारत सरकार का जनपद की तहसील भटवाड़ी के ग्राम जादुंग एवं नेलांग में इन्हीं ग्रामों के विस्थापित ग्रामीणों को बसाने व अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने का उद्देश्य है। जिस हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में ग्राम जादुंग एवं नेलांग के विस्थापित ग्रामीणों, आर्मी, आईटीबीपी, राजस्व, वन, उद्यान, पशुपालन, लोनिवि, विद्युत आदि विभागों के अधिकारियों के साथ एक आवश्यक बैठक आयोजित हुई।
बैठक में ग्राम जादुंग एवं नेलांग के विस्थापितों को पुन: बसाये जाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुयी। बैठक में विस्थापित ग्रामीणों द्वारा ग्राम जादुंग एवं नेलांग में पुन: बसने तथा खेती व अन्य व्यवसायिक गतिविधियों से जुडऩे की इच्छा जतायी गयी। साथ ही बैठक में उपस्थित आर्मी, आईटीबीपी सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा भी विस्थापित ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने की संस्तुति की गयी। विस्थापित ग्रामीणों एवं सभी सम्बन्धित अधिकारियों ने सुझाव दिया कि विस्थापित ग्रामीणों एवं सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को ग्राम जादुंग एवं नेलांग का संयुक्त सर्वे किया जाय ताकि सर्वे कर ग्राम ऐरिया की भूमि का चिन्हीकरण किया जा सके तथा ग्राम ऐरिया में सम्बन्धित भू-स्वामी की भूमि का भी चिन्हीकरण किया जा सके एवं व्यवासयिक गतिविधियों की सम्भावनाओं को तलाशा जा सके। जिस पर जिलाधिकारी ने सहमति जताई गयी तथा निर्देश दिये गये कि आगामी 28 एवं 29 मार्च को ग्राम जादुंग का संयुक्त सर्वे किया जाय तथा माह अप्रैल में ग्राम नेलांग का संयुक्त सर्वे किया जाय।
बता दें कि सन् 1962 में भारत -चीन से हुये युद्ध के समय ग्राम जादुंग एवं नेलांग के निवासियों को सुरक्षा की दृष्टि से ग्राम बगोरी व वीरपुर डुण्डा में विस्थापित किया गया था। तब से विस्थापित ग्रामीण जनपद के ग्राम बगोरी व वीरपुर डुण्डा में निवासरत हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क रंगनाथ पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, सेनानी 35वीं वाहिनी आईटीबीपी अशोक सिंह बिष्ट, आर्मी से मेजर भारत यादव व मेजर हसन खान, उप जिलाधिकारी मीनाक्षी पटवाल, अध्यक्ष जाड़ भोटिया जन कल्याण समिति से सेवक राम भण्डारी व अन्य ग्रामीण तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY