देहरादून(संवाददाता)। दून के ऐतिहासिक झंडेजी का आरोहण कल 22 मार्च को किया जायेगा और इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। झंडेजी के आरोहण के बाद सुप्रसिद्ध मेला आरंभ हो जायेगा। वहीं दरबार साहिब को आकर्षण ढंग से सजाया गया है। सुबह से ही संगतों में गिलाफ बनाने के लिए होड लगी हुई है और वहीं संगतों ने झंडेजी की पूजा अर्चना की और मन की मुरादें मांगी और दूसरी ओर से शनील सिलने का कार्य प्रगति पर रहा और सभी श्रद्धालु भी शनील के कार्य में जुटे दिखाई दिये। यहां झंडेजी मेला प्रबंधक के. सी जुयाल ने बताया कि इस बार पूरे देश व विदेश के साथ-साथ देश के कोने कोने से संगतों का आना शुरू हो गया है और दरबार साहिब में ऐतिहासिक मेले की तैयारियों की शुरूआत कर दी गई है। सुबह से संगते परिसर में जुटनी शुरू हो गई और इस अवसर पर कोविड के दिशा निर्देशों का पालन किया गया और सभी से कोविड की गाइडलाइन का पालन करने की अपील भी की गई। उन्होंने बताया कि झंडेजी के आरोहण के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित देश के अलग राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आये है और महंत देवेंद्र दास महाराज ने मेले में आए सभी संगतों व श्रद्धालुओं से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। उत्तराखंड की राजधानी में लगने वाले ऐतिहासिक झंडे मेले की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं पिछले दो वर्षों में कोरोना के चलते यह मेला नहीं लग पाया था इस मेले में पूरे विश्व भर के साथ-साथ भारत के कोने-कोने से श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं और दरबार साहिब का आशीर्वाद लेते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु राम राय महाराज व महंत देवेन्द्र दास महाराज के जयकारों के साथ 9० फीट ऊंचे नए झण्डेजी को श्री दरबार साहिब लाया गया। इस पावन बेला का साक्षी बनने के लिए देश विदेश से हजारों की संख्या में संगत देर शाम तक श्री दरबार साहिब, देहरादून पहुंच गई थी और झंडेजी के लिए शनील सिलने का कार्य लगभग अंतिम चरण में है और इस बार क्योंकि कोरोना महामारी का असर कम हो गया है यह मेला अपने पूर्ण स्वरूप में लगने जा रहा है। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को झंडेजी का आरोहण किया जाएगा और यह मेला रामनवमी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि जिसके लिए दरबार साहेब की तरफ से उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा है कि झंडा साहेब के लिए दर्शनीय गिलाफ भक्तों के द्वारा चढ़ाया जाता है जिसके लिए वर्षों लग जाते हैं। इस बार भी 1०० वर्ष के बाद बलजिंदर का नंबर आया है और दरबार प्रबंधन की माने तो अगले 1०० वर्ष तक के लिए यह बुकिंग हाउसफुल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राजधानी देहरादून में सभी धर्मशालाए भी बुक हो चुकी है। वहीं सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये है और वहीं पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किया गया है।
