मां डाटकाली मनोकामना सिद्धपीठ के महंत ने दिया धामी को आशीर्वाद

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि एक कार्यवाहक मुख्यमंत्री को फिर से राज्य का मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर लोगों के मन में एक आस बंधी हुई है और वह मन्दिरों में पूजा अर्चना कर पुष्कर सिंह धामी को राज्य के विकास के लिए एक बार फिर उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री देखना चाह रहे हैं जिससे कि उत्तराखण्ड एक नये विकास की ऊंचाईयों को छू सके। मां डाट काली मनोकामना सिद्ध पीठ के महंत ने आज धामी के लिए मां काली की पूजा अर्चना करते हुए उनके लिए मनोकामना मांगी कि जिस तरह से उन्होंने उत्तराखण्ड के विकास का सपना देखा है उसको पूरा करने के लिए उन्हें एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाये। महंत का मानना है कि मां काली के मन्दिर में सबकी मुराद पूरी होती है इसलिए उन्हें पूर्ण विश्वास है कि उत्तराखण्ड के सीएम पुष्कर ंिसह धामी ही बनेंगे।
आज मां डाटकाली मनोकामना सिद्ध पीठ के महंत श्रीराम प्रसाद गोस्वामी ने उत्तराखण्ड की खुशहाली और समृद्धि के लिए पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर मां के चरणों में पूजा अर्चना की और आशीर्वाद के रूप में जिस तरह से मन्दिर से ही उन्होंने पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाये जाने का आशीर्वाद दिया है उससे आवाम के मन में भी अब एक आशा की किरण जाग उठी है कि जिस पुष्कर ंिसह धामी ने उत्तराखण्ड में छह माह के भीतर राज्य की जनता का दिल जीत लिया और एक नये उत्तराखण्ड को बनाने का जो सपना उन्होंने आवाम को दिखाया था उस सपने को पुष्कर ंिसह धामी ही पूरा करें इसको लेकर उत्तराखण्ड के कई मन्दिरों में लोग पुष्कर ंिसह धामी को मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर पूजा-अर्चना करा रहे हैं। आज भी मां डाटकाली मनोकामना मन्दिर में कुछ लोगों ने उत्तराखण्ड को एक आदर्श राज्य बनाये जाने की कल्पना को लेकर मन्दिर में महंत श्रीराम प्रसाद गोस्वामी से पूजा अर्चना करवाई और उन्हें एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाये जाने के लिए मां के चरणों में अरदास की। उल्लेखनीय है कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड राजनीति के एक धाकड बल्लेबाज के रूप में दिखाई दिये जिन्होंने अपनी सुन्दर धाकड राजनीतिक पारी से अपनी टीम को तो मैच जितवा दिया लेकिन उन्हें पार्टी के ही कुछ अपनों ने भीतरघात के चलते राजनीति के मैदान से दूर कर दिया। भले ही पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गये लेकिन राज्यवासियों के मन में उनकी हार को लेकर एक बडी पीडा दिखाई दे रही है और राज्य के अधिकांश जनपदों में एक ही आवाज सुनने को मिल रही है कि जिस पुष्कर ंिसह धामी ने भाजपा को सत्ता दिला दी उस पुष्कर सिंह धामी को ही मुख्यमंत्री बनाया जाये क्योंकि उन्होंने उन विधायकों को वोट नहीं दिया जो आज पुष्कर सिंह धामी की हार के बाद खुद मुख्यमंत्री बनने की कतार में सबसे आगे दौडने लगे हुये हैं। पुष्कर सिंह धामी एक सौम्य और सरल स्वभाव के राजनीतिज्ञ हैं और वह जानते हैं कि आवाम का दिल कैसे जीता जाता है यही कारण है कि राज्य की जनता ने पार्टी प्रत्याशियों के चेहरे पर नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर ही अपना मतदान किया है। उत्तराखण्ड में चारो ओर एक ही आवाज और शोर सुनाई दे रहा है कि भाजपा हाईकमान उत्तराखण्ड के विकास और नये उत्तराखण्ड की नीव के लिए सिर्फ पुष्कर सिंह धामी को ही उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री बनाये क्योंकि उनके छह माह के कार्यकाल में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला जिससे कि जनता के मन में यह सवाल खडा होता कि धामी भी पूर्व मुख्यमंत्रियों की राह पर चले थे? उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ताजपोशी भाजपा हाईकमान ने तय करनी है और राज्य की जनता जिस तरह से प्रदेश के मन्दिरों में पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाये जाने को लेकर पूजा पाठ और हवन करवा रही है उससे साफ संकेत दिखाई दे रहे हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के सभी विधायकों से कितने ऊपर पहुंच चुके हैं जिनके लिए आवाम मन्दिरों में जाकर उनके मुख्यमंत्री बनने के लिए माथा टेक रही है।

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