धामी के लिए सज गया ताज

0
124

प्रमुख संवाददाता
देहरादून। सात चरणों में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा ने यह नारा दिया था, ‘जो राम को लाए है, हम उनको लाएंगे!Ó माना जा रहा है कि भाजपा हाईकमान में यह मंथन चल रहा है कि जिस क्षेत्रीय महापुरूष ने अपने अल्प समय के कार्यकाल में उत्तराखण्ड राज्य के अंदर भाजपा में ऐसी संजीवनी फूंकी, जिसकी बदौलत भाजपा ने एक बार फिर से प्रचंड बहुमत का स्वाद चखा है, उन्हें ही भाजपा हाईकमान एक बार फिर से सत्ता की कमान सौंपने का मन बना चुकी है? चर्चाएं तो यहां तक है कि अब उत्तर प्रदेश के नारे की तर्ज पर यहां तक कहा जा रहा है, ‘जो हमें सत्ता में लाएं, हम उन्हीं को लाऐंगेÓ? भाजपा हाईकमान यदि इस दिशा में कदम उठाती है तो इसमे आश्चर्य की कोई नहीं समझी जा सकती क्योंकि चुनाव से पूर्व ही जिस प्रकार से प्रधानमंत्री से लेकर अनेक केन्द्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सीएम पुष्कर सिंह धामी पर जो विश्वास जताया था वह उसपर पूर्ण रूप से खरे उतरे है। उत्तराखण्ड के जिस महापुरूष को देश के प्रधानमंत्री ने मित्र कहकर संबोधित किया हो, उनपर पार्टी हाईकमान का भरोसा जताना लाजमी ही समझा जा रहा है? राजनीति के जानकारों की मानें तो यह समझा जा रहा है कि भाजपा हाईकमान ने संभवत: अब यह मन बना लिया है कि पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड के मुखिया के रूप में वह धामी को ही लाएंगे?
देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आ चुके है। पांच राज्यों में से दो राज्यों में भाजपा को प्रचंड बहुमत प्राप्त हुआ है और दो में भी वह सरकार बनाने जा रही है। राजनीतिक रूप से देश का सबसे बड़ा राज्य कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में भाजपा ने साढ़े तीन दशक के रिकार्ड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत प्राप्त किया है। ठीक वैसे ही उत्तराखण्ड में भी राज्य निर्माण के बाद से अब तक बने मिथक को तोड़ते हुए भाजपा ने लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत हासिल किया है। उत्तराखण्ड की जनता का मानना है कि भाजपा को पहाड़ी राज्य में जो यह प्रचंड बहुमत प्राप्त हुआ है, इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निभाई है। इस तर्क के पीछे कारण यहीं है कि सीएम धामी ने अपने अल्प समय के कार्यकाल में ही उत्तराखण्ड प्रदेश को विकास की ऊंचाईयों तक पंहुचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके मधुर व्यवहार और राज्य में कार्य करने की विलक्षण प्रतिभा की जनता कायल हो रखी है और यहीं कारण है कि उसने भाजपा को एक बार फिर उत्तराखण्ड में प्रचंड बहुमत दिया और यह आशा की थी कि धामी ही एक बार फिर राज्य में सत्ता की बागडोर संभालें।
चर्चाओं का बाजार इस बात को लेकर गर्म हो चला है कि पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित उत्तराखण्ड के कुछ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। कहा जा रहा है कि राज्य में सरकार बनाने को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मंथन होगा। भाजपा के गलियारों से छन कर आ रही खबरों की माने तो उत्तराखण्ड में मंत्रीमंडल के गठन को लेकर भाजपा काफी सतर्कता के साथ कदम उठाने जा रही है और कहा जा रहा है कि इसलिए ही एक केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और एक भाजपा नेत्री को उत्तराखण्ड में पर्यवेक्षक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है? कहना न होगा कि जिस सतर्कता के साथ भाजपा उत्तराखण्ड में सरकार और मंत्रीमंडल के गठन के लिए कदम उठा रही है, वह इस ओर ही इशारा कर रहा है कि भले ही वह पिछले मंत्रीमंडल में कुछ फेर बदल कर दें लेकिन सत्ता की कमान वह धामी को सौंपने का मन बना चुकी है?

LEAVE A REPLY