धामी मानदेय बढ़ाने का देंगे तोहफा
देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री ने देहरादून नगर निगम में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव एवं शोभायात्रा कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में जल्द बैठक आयोजित कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रदेश के सफाई कर्मचारियों में मानदेय बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए कहा कि समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। सफाई कर्मचारी समाज की स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना कर पूरी मानवता को सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य और समानता का संदेश दिया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, विचारों, कर्मों और समाज के प्रति योगदान से होती है। महर्षि वाल्मीकि ने ऐसे समाज की कल्पना की, जहां भेदभाव के लिए कोई स्थान न हो और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी प्राचीन विरासत को संजोने के साथ आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और मंदिर परिसर में महर्षि वाल्मीकि, निषादराज तथा माता शबरी को स्थान दिए जाने को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा जाना भी उनके योगदान के प्रति सम्मान का परिचायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं से गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार भी समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कक्षा एक से बारहवीं तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। विद्यार्थियों के लिए 15 निःशुल्क छात्रावास, पांच आवासीय विद्यालय और तीन आईटीआई संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां युवाओं की शिक्षा और रोजगार की राह में बाधा न बनें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आवास योजना को दोबारा शुरू कर आवासहीन अनुसूचित वर्ग के परिवारों को मकान निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के युवक अथवा युवती से अंतरजातीय विवाह करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था है। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए भी 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड ऋषि-मुनियों की तपोभूमि और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं वाला प्रदेश है। राज्य सरकार विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श समाज को एकता, समानता और भाईचारे के सूत्र में बांधने की प्रेरणा देते हैं। इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकसित उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।


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