साइबर अपराधियों पर ‘अजय का वार’

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भोल-भाले लोगों के खाते खुलवाकर करते थे गुनाह
देहरादून(संवाददाता)। एसटीएफ के पुलिस कप्तान ने साइबर अपराधियों पर वार करने का एक बडा ऑपरेशन चला रखा है। राजधानी में भोली-भाली जनता के बैंक खाते खुलवाकर एक बडा गुनाह करने वाले गिरोह के तीन शातिरों को एसटीएफ ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जिनके कब्जे से कार, पासबुक, चैक बुक, मोबाइल, डेबिट कार्ड, पेन कार्ड, आधार कार्ड औश्र कुछ फर्मों की फर्जी मोहरे भी बरामद की हैं। पुलिस कप्तान ने आम जनमानस से अपील की है कि वह लालच में आकर साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार न हों क्योंकि छोटे से लालच में वह अपने जीवनभर की कमाई साइबर अपराधियों के हाथों गवां रहे हैं।
साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एसटीएफ आईजी निलेश भरणे ने एसटीएफ पुलिस कप्तान अजय सिंह को दो टूक संदेश दे रखा है कि भोल-भाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ बडा ऑपरेशन चलायें। एसटीएफ आईजी के आदेश पर पुलिस कप्तान ने साइबर अपराध करने वाले गुनाहगारों के खिलाफ कुछ समय से एक बडा ऑपरेशन छेड रखा है। पुलिस कप्तान को इस बात की खबर मिली कि “साईबर अपराधियों के द्वारा संगठित साईबर अपराध को अंजाम देने के लिए आम जनमानस के खाते खुलवाये जाते थे, जिनका साईबर अपराधियों के साथ मिलकर साईबर धोखाधड़ी में प्रयोग किया जाता था”। पुलिस कप्तान ने साइबर अपराधियों के हाथों ठगे गये लोगों को न्याय दिलाने के लिए संकल्प लिया हुआ है।
पुलिस कप्तान अजय सिंह ने बताया कि प्रकरण में एसटीएफ की साईबर पुलिस टीम के द्वारा साईबर अपराधियों को म्यूल एकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह, पैनल का भाडांफोड किया है। इन अपराधियों के द्वारा भोली भाली जनता को लालच एंव गुमराह कर उनके खाते खुलवाये जाते थे, जिन्हे साईबर क्राईम जैसे संगठित अपराधियों के साथ साझा कर, धोखाधड़ी के लिये प्रयुक्त किया जाता था। उन्होंने बताया कि इनके द्वारा खुलवाये गये खातों में विभिन्न राज्यो के पीड़ितों की लाखो रुपये की धनराशी का लेन देन हुआ है। जिनसे इनके द्वारा अच्छा खासा मुनाफा कमाया गया। जिस सम्बन्ध में गोपनीय सूचना एंव तकनीकी विश्लेषण करने के बाद एसटीएफ की साईबर पुलिस टीम को साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही करने का आदेश दिया था।
कुछ प्रकरण में विधिक कार्यवाही करते हुए पाये गया कि साइबर अपराधियों के द्वारा भोले भाले व्यक्तियों को झांसे में लेकर उनके नाम से फेक फर्म तैयार कर, उसके समस्त दस्तावेज तैयार किये जाते थे, जिसके आधार पर बैक में फर्म के नाम पर काँर्पोरेट, करंट एकाउंट खोला जाता था। जिसे रोड़वेज या अन्य माध्यमों से दिल्ली में बेचा जाता था। जिसके बाद इन खातों में साईबर अपराधियों के द्वारा साईबर अपराध से प्राप्त धोखाधड़ी के पैसो का लेन देन किया जाता था। जिसका साइबर अपराधियों के द्वारा अच्छा खासा कमीशन लिया जाता था। साइबर अपराधी से प्राप्त पासबुक, खातो के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज होना पाया गया। साइबर अपराधियों से विभिन्न पासबुक, चैकबुक, डेबिट कार्ड आदि बरामद किया गया एंव आज उन्हें हरिद्वार से देहरादून लाकर गहन पूछताछ की गयी एंव साइबर अपराधियों के साथियों के बारे में गहन पूछताछ जारी है एंव अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस कप्तान ने बताया कि इस कार्यवाही में मेरठ निवासी रवि, हरिद्वार निवासी राजन चौधरी व विनित राणा को गिरफ्तार किया गया है जिनके कब्जे से एक कार और काफी सामान बरामद किया गया है। पुलिस कप्तान ने बताया कि आम जनमानस से अपील की गई है कि वह छोटे लालच में साइबर ठगों का शिकार न हों।

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