कुनबा बढ़ाकर कांग्रेस ने भरी चुनावी हुंकार

0
47

गोदियाल की सर्जिकल स्ट्राइक से राजनीति में ‘तूफान’
देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड कांग्रेस की कमान जबसे नये प्रदेश अध्यक्ष के हाथों में आई है तो उन्होंने कांग्रेस के अन्दर एक नया जोश भरने का दौर शुरू कर रखा है। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर चंद दिग्गज नेता सरकार को सडक से लेकर सदन तक घेरने के एजेंडे पर आगे रहे और विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपना कुनबा बढाने के लिए भाजपा खेमे में एक बडी सेंध लगा दी और तीन पूर्व विधायकों समेत कुछ राजनेताओं को पार्टी में शामिल करके कहीं न कहीं एक बडी चुनावी हुंकार भर दी है। कांग्रेस जहां अपना कुनबा बढने से गदगद नजर आ रही है तो वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस में गये नेताओं को लेकर जो शब्दबाण चलाये हैं उससे सोशल मीडिया पर वह खूब ट्रोल हो रहे हैं और कांग्रेस के कुछ नेता यहां तक दावा कर रहे हैं कि भाजपा के कुछ बडे नेता भी उनके सम्पर्क में हैं जिससे कहीं न कहीं भाजपा खेमे के अन्दर भी बेचैनी का माहौल जरूर होगा?
कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखण्ड के अन्दर कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में कुछ माह पूर्व एक बडा मास्टर स्ट्रोक चला था और उसके चलते उन्होंने गणेश गोदियाल को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी थी तो वहीं प्रीतम ंिसह और हरक सिंह रावत को भी उन्होंने एक बडी जिम्मेदारी सौंपकर उत्तराखण्ड के अन्दर कांग्रेस को पॉवरफुल करने की दिशा में एक बडा कदम आगे बढाया था। उत्तराखण्ड कांग्रेस की पूरी टीम का दिल्ली में डेरा डाल कर रखना और उसके बाद अपने कुनबे को बढा करने का जो उन्होंने मिशन शुरू किया उसने कहीं न कहीं भाजपा खेमे में एक बडी हलचल जरूर मचा दी है। ग्रहों को उलटने- पलटने का खेला भी सतह पर दिखाई दिया जब भाजपा के कुछ नेताओं ने कांग्रेस का दामन दिल्ली में जाकर थाम लिया। उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव के लिए जोड़ तोड़ की कहानी भी पहाड़ों तक पहुंचने लगी है। कांग्रेस ने मार्च फाइनल की हैप्पी एंडिंग कर दी और दिल्ली में तीन पूर्व विधायक, दो पूर्व निकाय अध्यक्ष समेत छह नेता कांग्रेस में शामिल हो गए। खाड़ी युद्ध की वजह से गैस-ईंधन की किल्लत से जूझ रही धामी सरकार की मशीनरी दिन भर बैठकों में बिजी रही। और इधर दिल्ली में पूर्व भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल, भीमलाल आर्य, नारायण पाल, पूर्व मेयर रुड़की गौरव गोयल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मसूरी अनुज गुप्ता व लाखन सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए।
इस दौरान रुद्रपुर से भाजपा के टिकट पर जीत चुके पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कांग्रेस में शामिल होने की कई वजह गिनाईं। और भाजपा को आड़े हाथ भी लिया। जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अभी कई और बड़े नाम कांग्रेस में शामिल होंगे। गोदियाल ने कहा कि उन्होंने डेढ़ दर्जन नेताओं की सूची हाईकमान को सौंप दी है। और अब हर महीने 24 अकबर रोड में कांग्रेस में शामिल होने का जश्न चलता रहेगा। गोदियाल के इस दावे के बाद भाजपा में खलबली मची हुई है।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा से निष्कासित नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस सिर्फ चार नेताओं की पार्टी है। भाजपा इन्हें फुके हुए कारतूस भी बता रही है। जबकि गोदियाल ने कहा कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी अपनी सरकार की नीतियों और रीतियों से खुश नहीं हैं। यही वजह है कि कई नेता खुलकर अपनी सरकार के विरोध में बोल रहे हैं और अपनी आवाज उठा रहे हैं।
कांग्रेस में शामिल नेताओं ने कहा कि परिवार में नए लोगों के जुड़ने से परिवार को मजबूती मिलती है । 2027 में प्रदेश की जनता को कांग्रेस की सरकार देने में अपनी भूमिका निभायेंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हैट्रिक के सपने को ध्वस्त करने की तरफ ये अभी पहला कदम है। इसके अलावा, कांग्रेस के हाशिए पर धकेल दिए गए पूर्व सीएम हरीश रावत भी बहुत खुश नहीं बताए जा रहे है। हरीश रावत पूर्व ब्लाक प्रमुख संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल करवाना चाहते थे। लेकिन पूर्व विधायक रंजीत रावत व पूर्व सांसद महेन्द्रपाल के वीटो की वजह से संजय नेगी की जॉइनिंग फिलहाल टल गई?
संजय नेगी ने 2022 में रामनगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र पाल के विरुद्ध निर्दलीय चुनाव लड़ कर उनकी हार में अहम भूमिका निभाई थी। बहरहाल, इन नेताओं के शामिल होने से रुद्रपुर,घनसाली, सितारगंज, मसूरी व रुड़की विधानसभा के समीकरण एक सीमा तक प्रभावित होने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें ठुकराल सबसे ज्यादा मुखर हैं। और अपनी पुरानी पार्टी में योगदान का उल्लेख करते हुए खूब गरिया भी रहे हैं। साथ ही ठुकराल अपने साथ हुई नाइंसाफी को लेकर भी जनता की अदालत में जाएंगे। भाजपा के विरोध में कांग्रेस की पूरी कोशिश राजकुमार ठुकराल को भुनाने की रहेगी। भाजपा के पलटवार के अलावा बकौल गोदियाल की पार्टी हाईकमान को सौंपी गई डेढ़ दर्जन नेताओं की सूची के सार्वजनिक होने का भी इंतजार रहेगा। साथ ही पूर्व सीएम हरीश रावत के 15 दिनी अवकाश की घोषणा के निहितार्थ को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
भाजपा से कांग्रेस में आये नेताओं ने पार्टी में जो आस्था दिखाई उससे कांग्रेस के अन्दर एक नया जोश देखने को मिल रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का साफ कहना है कि राज्य की जनता ने विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन करने का मन बना लिया है और राज्य के अन्दर जिस तरह से भ्रष्टाचार, घोटाले और माफियागिरी चल रही है उससे आम जनमानस का कांग्रेस से बडा जुडाव देखने को मिल रहा है।

LEAVE A REPLY