राजनीति के दो धुरंधर पीएम-सीएम का मिलना, अच्छी खबर का इशारा

0
52

मिशन-2027 में प्रचंड जीत पर हुआ गहन मंथन
प्रमुख संवाददाता
देहरादून/दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बीतते समय के साथ-साथ यह साबित कर दिया है कि वे दोनों ही राजनीति के धुरंधर हैं। दो भाई, दोनों तबाही की तर्ज पर जब इनका मिलन होता है तो ऐसे मंजर को देखकर विपक्षियों की सांसें हलक में अटक जाती हैं। इस बात का प्रमाण यह देखकर मिल जाता है कि जब यह दोनों मित्र किसी भी चुनाव में आंधी बनकर उतरते हैं तो इनके हौंसले यह बता देते हैं कि चुनाव का ऊंट किस करवट बैठने वाला है। आज एक बार फिर नई दिल्ली में इन दोनों राजनीतिक धुरंधरों का मिलन हुआ है और इसको देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मुलाकात से उत्तराखण्ड के लिए तो जरूर ही अच्छी खबर आने वाली है लेकिन विपक्षियों के लिए नहीं। बताते चलें कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पूर्व भी कुछ ऐसी ही मुलाकात देखने को मिली थी। इस मुलाकात के बाद क्या नतीजा निकला, यह किसी से छिपा नहीं है। वर्ष 2022 में भाजपा लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल हुई थी और यह उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार हुआ था। मिशन-2027 को लेकर जिस एक्शन मोड में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री एक्शन मोड में हैं, उनके इस अभियान को कहीं न कहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपना आर्शीवाद दे दिया है। पीएम मोदी और सीएम धामी की इस मुलाकात में जो खास बात देखने को मिली है, वह है उनकी बॉडी लैंग्वेज। दोनों की ही भावभंगिमा जोर-जोर से यह बयां कर रही थी कि वास्तव में हर मोर्चे पर असली विजेता वे ही हैं।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा और लाडले पुष्कर ंिसह धामी ने अपना चार साल का शानदार कार्यकाल पूरा कर मोदी की राजनीतिक पाठशाला में अपने आपको टॉपर साबित कर दिया और यही कारण है कि अब देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को एक बडे समारोह में धाकड़ से धुरंधर होने का ताज पहनाकर साफ संदेश दे गये थे कि 2027 में होने वाला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के नेतृत्व में ही होगा। राजनाथ सिंह ने यहां तक दावा किया कि पुष्कर सिंह धामी विधानसभा चुनाव में बडे बहुमत से राज्य के अन्दर भाजपा की सरकार बनायेंगे। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास के लिये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड आगमन का भी निमंत्रण प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को टिहरी जनपद में स्थित शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी के साथ ही राज्य के अलग- अलग जिलों से मंगाई पांच प्रकार की राजमा और शहद भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुम्भ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास के लिए सौ करोड़ की स्वीकृति, पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी हेतु एमओयू और चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं हेतु संचालन में सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, चम्पावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड एवं देहरादून-मसूरी रोड जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने, उत्तराखंड दौरे पर प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चौपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए पालिसी भी तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी तथा लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। राज्य सरकार ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आदि कैलास यात्रा में वर्ष 2022 में 1761 श्रद्धालुओं की तुलना में वर्ष 2025 में 36453 श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन किया गया। यहाँ के लिए हेलीसेवा भी शुरू की गई। इसी तरह राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग सहित अनेक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही स्थानीय रोजगार सृजन के लिए वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए “एक जिला-एक मेला”, क्लस्टर विद्यालय योजना, भारत दर्शन एवं उत्तराखण्ड दर्शन कार्यक्रम जैसी पहलों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी।

पीएम को उत्तराखंड आने का न्यौता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखण्ड आगमन का निमंत्रण देते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का प्रस्ताव भी रखा। प्रस्तावित लोकार्पण में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे तथा टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट शामिल हैं, जबकि शिलान्यास के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार एवं बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चम्पावत जनपद के बनबसा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर विकसित हो रहा लैंड पोर्ट व्यापार, आवागमन एवं क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देगा तथा एशियन हाईवे से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा।

सरकार की उपलब्धियों का बताया रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को स्वरोजगार मिला है। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत हजारों उद्यमियों को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की गई है। वहीं “देवभूमि परिवार योजना” के माध्यम से राज्य के परिवारों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर योजनाओं की पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को राज्य सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु “अग्निवीर आरक्षण नियमावली-2025” लागू की गई है। साथ ही “उत्तराखण्ड जन विश्वास विधेयक-2026” के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है तथा 500 से अधिक अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक, श्रम, खनन, राजस्व एवं शहरी विकास क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं।

LEAVE A REPLY