धामी के क्रोध से चीखते अपराधी

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अपराधियों को खाकी का दिख रहा ‘भय’
अपराधियों-माफियाओं की कुंडली खंगालते डोभाल
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। चार साल से मुख्यमंत्री ने अपराधियों और माफियाओं की नाक मे नकेल डालने का जो ऑपरेशन शुरू किये हुये हैं उससे अपराधी और माफियाजगत में हाहाकार मची हुई है। अब मुख्यमंत्री के क्रोध से अपराधी चीखते हुए नजर आ रहे हैं और उनमें खाकी का जो भय देखने को मिल रहा है उससेे यह बात साफ हो गई है कि उत्तराखण्ड के अन्दर अब अपराधियों का सारा साम्राज्य ताश के पत्तों की तरह ढहने वाला है। राजधानी की कमान जबसे डोभाल के हाथो में आई है तो उन्होंने अपराधियों और माफियाओं की कंुडली खंगालने का ऑपरेशन शुरू कर दिया है। राजधानी के अन्दर हर नाके पर पुलिस ने संदिग्धों और अपराधियों के खिलाफ जो सर्च ऑपरेशन शुरू कर रखा है उससे अपराधियों और माफियाओं की नींद उड गई है। डोभाल राज में जहां सडकों पर पुलिस के घुडसवार संदिग्धों और अपराधियों पर अपनी पैनी नजर बनाये हुये हैं तो वहीं शहर से लेकर देहात और राजधानी के सभी बॉर्डर पर पुलिस का नाईटवॉच ऑपरेशन शुरू हो रखा है जिससे कि कोई भी शैतान राजधानी के अन्दर अपने नापाक इरादे लेकर एंट्री न कर पाये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड अपराधियों और माफियाओं से मुक्ति दिलाने के लिए जो संकल्प लिया हुआ है उसके चलते वह अपराध और माफिया जगत पर इतना बडा प्रहार कर रहे हैं जिसकी किसी ने कोई कल्पना भी नहीं की थी। आज पुलिस अपराधियों के सामने उन्हें अपनी खाकी का इकबाल दिखाने से पीछे नहीं हट रही। मुख्यमंत्री के शासनकाल में पुलिस मुठभेड़ में मारे गये बदमाशों से देशभर में संदेश गया कि अगर उत्तराखण्ड के अन्दर किसी अपराधी ने अपराध करने का दुसाहस किया तो पुलिस हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेगी बल्कि उसे मिट्टी मे मिलाने के लिए आमने-सामने की मुठभेड करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी पुलिस की कमान प्रमेंद्र डोभाल को सौंपी है और उन्हें संदेश दिया है कि जनपद से अपराधियों और माफियाओं को खदेड़े। मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त विजन को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस कप्तान ने अपराधियों और माफियाओं की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है और दो टूक संदेश दिया है कि राजधानी के अन्दर माफिया और अपराधी ने कोई गुनाह किया तो उन्हें इसका खामियाजा वो भुगतना पडेगा जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की होगी।
बता दें कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालने के बाद से ही यह संदेश दे दिया था कि वह किसी के आगे दबाव मे नहीं आयेेंगे और स्वच्छ प्रशासन देना ही उनका पहला लक्ष्य होगा। मुख्यमंत्री ने अपने लक्ष्य को साधने के लिए शुरूआती दौर से ही आक्रामक रूख अपना रखा है और वह उत्तराखण्डवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए एक बडे विजन के साथ आगे बढते जा रहे हैं। उत्तराखण्ड के अन्दर अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अपराध का अंत करने की दिशा मे कोई ऐसा प्लान तैयार नहीं किया जिससे कि बाहरी राज्यों के अपराधी उत्तराखण्ड मे आकर अपराध करने से तौबा कर सकें। मुख्यमंत्री ने राज्य बनने के बाद से ही पनपते आ रहे लव और लैंड जिहाद पर जिस दिलेरी के साथ उस पर आक्रमण किया उसी का परिणाम है कि आज राज्य के अन्दर लव और लैंड जिहाद का शोर कहीं सुनने को नहीं मिल रहा है। उत्तराखण्ड के कुछ जिलों में अकसर अपराध करके फरार हो जाने का खेल खेलने वाले अपराधियों को अपने चक्रव्यूह मे फसाने के लिए पुलिस अफसरों ने एक बडा खाका तैयार किया हुआ है और इस प्लान का सबसे ज्यादा असर हरिद्वार, देहरादून, उधमसिंहनगर, नैनीताल मे देखने को मिल रहा है। वहीं एसटीएफ के पुलिस कप्तान भी अपराधियों और माफियाओं के साम्राज्य को नेस्तनाबूत करने में लगे हुये हैं। देहरादून के पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोभाल ने जनपद को अपराधमुक्त करने के लिए एक बडे विजन के साथ अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस कप्तान ने जिले के चप्पे-चप्पे पर अपराधियों और संदिग्धों को अपनी रडार पर लेना शुरू कर दिया है और यही कारण है कि समूचे जनपद में अचानक कहीं पर भी पुलिस कप्तान के आदेश पर चैकिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है तो वहीं पुलिस कप्तान ने अपराधियों और माफियाओं की कुंडली खंगालने का दौर शुरू कर दिया है जिससे आने वाले दिनों मंे पुलिस कप्तान का एक बडा एक्शन देखने को मिल सकता है।

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