पांडे ने गाया गीत

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नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा
अपने अंदाज में सोशल मीडिया पर छा रहे विधायक
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की सियासत में इन दिनों भाजपा के अन्दर ही एक बडा तूफान मचा हुआ है और जिस अंदाज में भाजपा के नेता आपस मे ही एक दूसरे पर वार कर रहे हैं उससे राज्य का राजनीतिक तापमान उफान पर है। इन दिनों सोशल मीडिया पर उधमसिंहनगर के गदरपुर से भाजपा विधायक खूब छाये हुये हैं और चंद दिन पूर्व उन्होंने अपने परिवार पर हुये मुकदमे में सबका पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए डीजीपी के दफ्तर मे दस्तक दी थी उसने भाजपा के अन्दर एक बडी उथल-पुथल मचा दी थी और उन्होंने जल्द से जल्द अपने परिवार पर दर्ज हुये मुकदमे की जांच पूरी करने की मांग की तो वहीं अब सोशल मीडिया पर वह एक गीत यह कहकर गुनगुना रहे हैं कि कुछ दिन पूर्व उन्होेंने एक गीत सुना और यह गीत गुनगुनाते हुए कहा कि नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा।
उत्तराखण्ड के गदरपुर से पांच बार के भाजपा विधायक अरविंद पांडे सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं और उन्होंने अब मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व उन्होंने एक गीत सुना है और उन्होंने गीत गुनगुनाते हुए कहा कि नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा। विधायक अरविंद पांडे ने जिस तरह से मीडिया के सामने इस गीत को गुनगुनाया उसके राजनीतिक हल्कों में कई मायने भी निकाले जा रहे हैं लेकिन जिस तरह से वह आजकल अपनी बातों में एक तंज को अपना हथियार बनाये हुये हैं वह आवाम को साफ नजर आ रहा है। गदरपुर से पांच बार के विधायक का अपने इलाके में एक बडा दबदबा माना जाता है और वह कोई भी बात सटीक तरीके से कहने में कभी पीछे नहीं हटते और उन्होंने जिस अंदाज में गीत गुनगुनाया कि नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा उसके राजनीतिक हल्कों में कई मायने निकाले जा रहे हैं और उनके इस गीत को लोग काफी चटकारेदार मान रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व जब अचानक गदरपुर के विधायक अरविंद पांडे के खिलाफ आरोपों की बौछार होने लगी थी तो उन्होंने सरकार के मुखिया से मांग कर डाली थी कि उन पर जो आरोप लगाये जा रहे हैं वह उसकी जांच सीबीआई से करा दें और वह इसके लिए लिखित में अपना पत्र दे देंगे। अरविंद पांड के परिजनों के खिलाफ दर्ज हुये मुकदमें के बाद अचानक चंद दिन पूर्व विधायक ने देहरादून पुलिस मुख्यालय में दस्तक देकर डीजीपी से मुलाकात की और उन्होंने अपना पत्र देते हुए कहा कि उनके परिजनों के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज हुआ है उसे दर्ज कराने वालों और उनके परिजनों का वह जल्द से जल्द पॉलीग्राफ करा दें जिसके बाद अगर उनका परिवार दोषी पाया जाता है तो वह हमेशा के लिए अपनी राजनीति से सन्यास ले लेंगे। विधायक ने जिस बेबाकी से अपने और अपने परिवार का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए डीजीपी को अपना पत्र सौंपा है उसने कहीं न कहीं उन लोगों की नींद जरूर उडा दी है जो पिछले कुछ दिनों से अपने निशाने पर लेने का खेल खेल रहे थे।

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