लोकगायक नरेन्द्र नेगी का आवाम से आह्वान

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अंकिता को न्याय दिलाने महापंचायत में आयें
देहरादून। उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी को लेकर जिस तरह से एक बडा भूचाल मचा और उसके बाद जब राज्यभर में कथित वीआईपी के नाम को आवाम के सामने लाने के लिए धरने-प्रदर्शन और मशाल जुलूस सडकों पर निकलने शुरू हुये तो उससे सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें डलनी शुरू हुई और उसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का ऐलान किया था। अंकिता प्रकरण में कथित वीआईपी को लेकर सीबीआई जांच कराये जाने की घोषणा होने के बावजूद कांग्रेस, उक्रांद, संघर्ष मंच ने दो टूक कहा हुआ है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में नहीं कराई जाती तब तक उनका आंदोलन थमेगा नहीं। सरकार इस पूरे मामले पर अभी तक खामोश है लेकिन अब संघर्ष मंच ने आठ फरवरी को महापंचायत का बिगुल बजा दिया है और अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने के लिए अब उत्तराखण्ड के लोकगायक ने आवाम से अपील की है कि परेड ग्राउंड में होने वाली महापंचायत में लोग शामिल हों जिससे सरकार पर एक दबाव बने और उससे अंकिता को न्याय मिल सके। अब लोकगायक ने जिस तरह से इस मामले में आवाम से महा पंचायत में आने का आह्वान किया है उससे कहीं न कहीं सरकार के माथे पर जरूर चिंता की लकीरें डल गई हैं?
उत्तराखंड के लोकगायक, जनकवि और सांस्कृतिक प्रतीक नरेंद्र सिंह नेगी ने 8 फरवरी 2026 को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रस्तावित महापंचायत को लेकर प्रदेश की जनता से व्यापक अपील की है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई पूरे उत्तराखंड की आत्मा, अस्मिता और पहाड़ की बेटियों के सम्मान की लड़ाई है। नेगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आज अन्याय के खिलाफ सामूहिक स्वर नहीं उठा, तो कल पहाड़ की हर बेटी असुरक्षित महसूस करेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने कहा कि यह महापंचायत न्याय, संवेदना और मानवीय मूल्यों के पक्ष में एक जनआंदोलन है। पहाड़ की संस्कृति ने हमेशा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी है और आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
इस अवसर पर अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच से कमला पंत, मोहित डिमरी, उमा भट्ट, सूरज नेगी, नवीन जोशी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने और अंकिता को न्याय दिलाने के संकल्प को दोहराया। संघर्ष मंच ने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक दोषियों को सजा और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता। महापंचायत को लेकर प्रदेशभर में जनसंपर्क और जनजागरण तेज किया जा रहा है।

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