खुश हुए आपदा पीड़ित जब मिला मोदी का गिफ्ट

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धामी के सखा ने उत्तराखंड को दिया उपहार
पीएम ने ‘ऑन द स्पॉट’ किए कई बड़े ऐलान
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के कुछ जनपदों में जब मानसून के चलते तबाही का तांडव मचा तो उस तांडव को देखकर हर कोई डरा और सहमा हुआ नजर आया और जो लोग इस आपदा में अपना सबकुछ गवां गये उनके मन में एक ही शंका थी कि अब वह अपना आशियाना कैसे दुबारा बना पायेंगे। आपदा पीडितों का दर्द देखकर उनके हमदर्द बनकर आगे खडे हुये मुख्यमंत्री ने उनके आंसू पोछे और उन्हें विश्वास दिलाया कि वह उनके साथ खडे हैं और उनका पुर्नवास करना उनका पहला धर्म है। मुख्यमंत्री ने आपदा पीडितों को आनन-फानन में पांच-पांच लाख रूपये का मुआवजा दिया और उसके बाद उन्होंने जब देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को आपदा का सच बताया तो प्रधानमंत्री ने आपदा पीडितों को सहारा देने और उनके जख्मों पर मरहम लगाने के लिए दून में दस्तक दी और प्रधानमंत्री ने आपदा पीडितों से रूबरू होकर उन्हें विश्वास दिलाया कि डबल इंजन सरकार उनके साथ खडी है। प्रधानमंत्री ने अपने सखा को इस आपदा के संकट से बाहर लाने के लिए आर्थिक सहायता का एक बडा गिफ्ट दिया तो आपदा पीडितों के चेहरे खिलखिला गये। प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड को बडा आर्थिक पैकेज देने के लिए ऑन द स्पॉट कई बडे ऐलान करते हुए उत्तराखण्ड को सहायता देने का जैसे यह ऐलान किया तो मुख्यमंत्री भी काफी भावुक हुये और वह यह कहने से नहीं चूके कि देश के प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से असीम लगाव है इसलिए वह उत्तराखण्डवासियों को कभी भी दर्द में नहीं देख सकते और यही कारण है कि उन्होंने आर्थिक पैकेज देने के लिए दिल्ली जाने का इंतजार नहीं किया और दून में ही उन्होंने आपदा पीडितों के सामने आर्थिक पैकेज देने का ऐलान करके आपदा पीडितों के जख्मों को मरहम लगाकर उसे ऐसा भरा कि उनकी आंखें छलछला गई।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड में आई दैवीय आपदा का दर्द जानने के लिए दून आये और उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को इस आपदा के संकट से बचाने के लिए एक बडा महामंथन किया और यह महसूस किया कि उत्तराखण्ड के अन्दर जो बडी आपदा आई है उससे आपदा पीडितों का दर्द हरने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा पीडितों के साथ सीधा संवाद किया और उनसे पता किया कि इस आपदा मंे उनका क्या-क्या चला गया। आपदा पीडितों ने जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आपदा की दास्तां सुनाई और यह बताया कि उनका सबकुछ इस आपदा में चला गया है तो प्रधानमंत्री ने उनके जख्मों पर मरहम लगाने के लिए ऑन द स्पॉट आर्थिक सहायता देने का जो ऐलान किया उसे सुनकर आपदा पीडितों के चेहरे खिलखिला गये और उनके इस फैसले से यह बात साफ हो गई कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को कभी भी संकट में नहीं देखना चाहते और यही कारण है कि वह सरकार और आपदा पीडितों से रूबरू होने के लिए दून पहुंचे और उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि केन्द्र सरकार उनके साथ खडी है और आगे भी अगर सरकार को सहायता की जरूरत होगी तो उसे आर्थिक सहायता देने के लिए वह आगे रहेंगे।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड से असीम लगाव रखने वाले देश के प्रधानमंत्री हर संकट और आपदा के समय राज्यवासियों के संकटमोचन बनकर उनके सामने आकर खडे हो जाते हैं। अपने मित्र और सखा धामी को हर संकटकाल से आजादी दिलाने के लिए मोदी हमेशा अगली पक्ति में खडे हुये नजर आते हैं जिसके चलते उत्तराखण्ड में आया बडा संकट भी चुटकियांे में मोदी और धामी की जुगलबंदी के चलते हवा-हवाई होता रहा है यह किसी से छिपा नहीं है। जोशीमठ में जब आवाम और व्यापारियों के सामने एक बडा संकट आकर खडा हुआ था तो देश के प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को अपना सहारा देकर जोशीमठ के संकट को ऐसे दूर किया था मानो वहां कोई संकट आया ही न हो। मानसून ने उत्तराखण्ड के आधा दर्जन से अधिक जनपदों में आपदा के तांडव से सरकार और आपदा का दंश झेलने वाले परिवारों के सामने एक बडा संकट आकर खडा हो गया तो इस संकट से मुख्यमंत्री और आपदा पीडितों को उभारने के लिए देश के प्रधानमंत्री आगे आये और उन्होंने आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए दून में अपनी दस्तक दी तो उनके आने से आपदा पीडितों के चेहरे खिलखिला गये। इस आपदा में जिस तरह से मोदी-धामी साथ मिलकर आगे आये हैं उससे वह आपदा पीडितों के चेहरों पर बडी मुस्कान बिखेरने का संकल्प लेकर आगे बढे हैं उससे साफ नजर आ रहा है कि आपदा से त्राहीमान हुये उत्तराखण्ड को फिर सवारने के लिए मोदी और धामी की जुगलबंदी एक नया अध्याय उस समय लिख गई जब देश के प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड को ऑन द स्पॉट आर्थिक सहायता देने का ऐलान कर दिया था। प्रधानमंत्री ने बारह सौ करोड रूपये आर्थिक सहायता के रूप में उत्तराखण्ड को देकर आपदा पीडितों के जख्मों पर मरहम लगाने का जो फैसला लिया उससे उत्तराखण्डवासी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जुगलबंदी के कायल हो गये।
उत्तराखण्ड के गढवाल और कुमांऊ में पिछले कुछ समय पूर्व भारी बारिश के चलते बादल फटने से कुछ जिलों में आपदा का जो तांडव मचा उसे देखकर उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर के लोग भी हैरान हो गये। आपदा का कहर इतना भयावह था जिसे देखकर हर कोई यह सोचने पर मजबूर हो गया कि सरकार कैसे आपदा पीडितों को नये इलाके में बसाने के लिए आगे बढेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आई इस भयंकर आपदा का सामना एक दिलेर राजनेता के रूप में किया और उन्होंने आपदाग्रस्त इलाकों में खुद मोर्चा संभालकर वहां अपनी देखरेख में युद्ध स्तर पर बचाव व राहत कार्य का जो ऑपरेशन चलाया उसे देखकर आपदा पीडितों को विश्वास हो चला था कि मुख्यमंत्री उनके रक्षक हैं और इस आपदा की धडी में वह उन्हें नये रूप से बसायेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन परिवारों को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता तुरंत दिलाई जिन्होंने इस आपदा में अपना घर और सबकुछ गवां दिया था। मुख्यमंत्री ने आपदा पीडितों को विश्वास दिलाया है कि उन्हें दूसरे स्थानों पर बसाया जायेगा। उत्तराखण्ड में आई इस दिल दहला देने वाली आपदा की सारी दास्तां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को सुना चुके हैं और यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए एक्शन में आये और उत्तराखण्ड में आपदा से कराह रहे आपदा पीडितों को बडी आर्थिक सहायता देकर उन्हें विश्वास दिला गये कि डबल इंजन सरकार उनके साथ खडी है।

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