अब हरक परिवार की ओर आगे बढी ईडी

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में निकाय चुनाव की धमक के बीच आसमान में घिरे काले बादलों से बरस रहे पानी से उत्तराखण्ड का तापमान सर्द हवाओं से आवाम को अपनी जकड में ले रहा है और राजधानी में लगातार मौसम खराब होने से बारिश से मौसम बेईमान दिखाई दे रहा है तो वहीं इस बेईमान मौसम के बीच हरक कुटंब पर ईडी की नजर दौड गई है और निकाय चुनाव के बीच हरक के परिजनों और करीबियों को एक बार फिर ईडी के सवालों से जुझना पड रहा है। कांग्रेसी नेता हरक सिंह के लिए बीतते 2०24 बादलों की गडगडाहट और कडकडाती बिजली ने उनके सिर पर खतरा बढा दिया है? चुनाव के दौरान ईडी की एक बार फिर हरक परिवार पर दिखाई दे रही नजर ने सर्द हवाओं में राजनीतिक तापमान गर्मा दिया है?
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पांचो सीटों पर मिली हार के बाद मीडिया के सामने हरक सिंह रावत ने ईडी को लेकर अपने मजाकिया अंदाज में उन पर जो शब्दबाण चलाये थे उससे फिर बहस छिडी थी कि आखिरकार हरक सिंह रावत को ऐसी कौन सी आकाशीय शक्ति मिल गई कि वह ईडी को ही अपनी रडार पर लेने से पीछे नहीं हटे? अब ईडी ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के करीबी व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा को फिर से अपने निशाने पर लिया है? यही नहीं बीते चंद दिनों में हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत, पुत्र तुषित रावत से भी ईडी लम्बी पूछताछ कर चुकी है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान ईडी ने पूछताछ के बाद अप्रैल के प्रथम सप्ताह में अपनी कार्यवाही को विराम दे दिया था। उस समय हरक सिंह रावत की पुत्रवधू अनुकृति गुसाई तो कांग्रेस छोड भाजपा में शामिल हो गई थी। चर्चाएं उठी थी कि ईडी के भारी दबाव के बाद अनुकृति व लक्ष्मी राणा ने भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी के समर्थन में वीडियो बयान जारी कर भाजपा को जिताने की अपील की थी? जबकि हरक सिंह रावत भी राजनीतिक दबाव के चलते प्रदेश की लोकसभा सीटों पर लड रहे कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार से दूर रहते हुए कई सवालों को जन्म दे दिया था? इसके बाद ईडी ने अपनी कार्यवाही को आराम देते हुए हरक सिंह को कई महीने की मौहलत दे डाली थी। लोकसभा चुनाव में चुप्पी साधने के बाद हरक सिंह ने बद्रीनाथ, मंगलौर व केदारनाथ उपचुनाव में बढचढ कर हिस्सा लेते हुए भाजपा के केन्द्रीय, प्रदेश स्तरीय नेताओं और ईडी पर तलख कटाक्ष किये थे। बता दें कि कुछ दिन पहले ही हरक के मंत्री रहते हुए कर्मकार कल्याण बोर्ड की अहम कुर्सी पर विराजमान रही दमयंती रावत को शासन ने अनियमित्ता के आरोप में फिर निलम्बित कर दिया। इस घटना के कुछ दिन के अन्दर ही ईडी ने हरक सिंह व करीबियों को पाखरो टाइगर रिजर्व ने पेड कटान व अवैध निर्माण के मुद्दे पर फिर तलब किया। यही नहीं एक जमीन के फर्जीवाडे में हरक के परिजनों और करीबियों से भी पूछताछ किये जाने की चर्चा सामने आई है? उधर कुछ दिन पूर्व आयकर विभाग पूर्व सीएम हरीश रावत के करीबी कारोबारी राजीव जैन के घर व कार्यालय में दो दिन तक रेड मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ ले गई है। कांग्र्रेस का कहना है कि चुनाव के समय ही ईडी व आयकर विभाग विरोधियों के खिलाफ कार्यवाही करते हैं। बहरहाल, निकाय चुनाव की रणनीति के बीच कांग्रेस व भाजपा सरकारों में मंत्री रहे हरक सिंह रावत को घेरने की बिसात बिछाये जाने की चर्चाएं जन्म ले रही हैं? ईडी व आयकर विभाग के शिकंजे से पूर्व मंत्री के परिजन व करीबियों को एक ओर बिगडे मौसम की कपकपाहट महसूस जरूर हो रही होगी?

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