उत्तराखण्ड में उठने लगी आवाज सीएम साहब खनन स्पॉटो पर तैनात करो पीएससी

0
120

नदियों में एक भी खनन माफिया नहीं दिखा पायेगा माफियागिरी
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड बनने के बाद से ही राज्य के अन्दर हर सरकारों के कार्यकाल में खनन माफियाओं का खुला तांडव मिलता रहा है और अवैध खनन के खेल में काफी राजनेता, सफेदपोश और कुछ अफसरों का गुप्त सिंडिकेट होने का शोर मचता रहा है और यह आशंका उठती रही है कि इस सिंडिकेट के इशारे पर अवैध खनन का खेल चलता आ रहा है जिसके चलते इन पर नकेल नहीं लग पाती? हैरानी वाली बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री बार-बार अवैध खनन करने वालों को अल्टीमेटम देते आ रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी अगर राज्य के कुछ जनपदों में अवैध खनन का खुला खेल चल रहा है तो उससे समझा जा सकता है कि खनन माफियाओं के सिर पर किसी ऐसे सिंडिकेट का हाथ जरूर है जिसकी वजह से अवैध खनन का खेल बंद नहीं हो पा रहा है? राजधानी के डीएम ने अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त रूख अपना रखा है और उन्होंने अवैध खनन करने वालों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज करने का भी खुला आदेश दिया हुआ है जिससे यह सम्भावना है कि खनन माफियाओं के मन में मुकदमों का डर देखने को मिलेगा। वहीं राज्य के अन्दर अब यह आवाज भी उठने लगी है कि अवैध खनन रोकने के लिए मुख्यमंत्री को खनन स्पॉटो पर पीएससी तैनात करनी चाहिए जिससे कि वहां नदियों का सीना चीरने के लिए कोई भी खनन माफिया हिम्मत न दिखा पाये। खनन स्पॉटो पर पीएससी तैनात होने से नदियों में एक भी खनन माफिया सिस्टम को अपनी माफियागिरी नहीं दिखा पायेगा यह भी एक बडा सच है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा मे आगे बढ रहे हैं और वह राज्य के अन्दर माफियागिरी का अंत करने का खुला अल्टीमेटम देते आ रहे हैं। मुख्मयंत्री को इस बात का इल्म है कि राज्य बनने के बाद से ही सरकार की नदियों का सीना चीर कर खनन माफिया अवैध खनन का खुला तांडव कर सरकार के राजस्व को हर माह एक बडा नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल मे हमेशा खनन माफियाओं पर नकेल लगाने का आदेश दिया है और वह खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त रूख अपनाने के मिशन पर हमेशा आगे बढते रहे हैं। हैरानी वाली बात है कि राज्य के कुछ जिलों में खनन माफियाओं का सिडिंकेट इतना बेखौफ हो रखा है कि वह सरकार व सिस्टम को चुनौती देने से बाज नहीं आ रहा है? राजधानी में अवैध खनन का शोर लम्बे समय से मचता आ रहा है और उसको लेकर यह सवाल उठते रहे कि आखिरकार राजधानी में खनन माफिया कौन अपना संरक्षण दे रहा है जिसके चलते अवैध खनन का खुला खेल खेलने से खनन माफिया बाज नहीं आ रहे हैं? राजधानी के नव नियुक्त डीएम सविन बसंल ने जनपद की नदियों में हो रहे अवैध खनन को देखते हुए सख्त रूख अपनाया और उन्होंने साफ अल्टीमेटम दे दिया कि अगर जो भी अवैध खनन करते हुये पाया जाये उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाये और जो ट्रक मालिक और चालक हैं उनके खिलाफ भी आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाये और उनकी गाडी का एमवी एक्ट मे भी चालान किया जाये। डीएम खनन माफियों की नाक मे नकेल डालने के लिए सख्त अंदाज मे अपने अफसरों को आदेश दे रहे हैं जिससे खनन माफियाओं में जरूर हडकंप मचेगा?
वहीं उत्तराखण्ड के अन्दर यह आवाज भी उठनी शुरू हो गई है कि अब खनन माफियाओं की नाक मे नकेल डालने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सख्त रूख अपनाकर खनन स्पॉटो पर पीएससी की पिकेट तैनात करनी चाहिए जिससे कि कोई भी खनन माफिया नदियों में जाकर अवैध खनन करने का दुसाहस ही न कर पाये क्योंिक जब खनन स्पॉट पर पीएससी की पिकेट दिखाई देगी तो वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता। खनन माफियाओं के इस काले कारोबार को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री को नदियों मंे खनन स्पॉटो पर पीएससी की पिकेट लगाने के आदेश देने चाहिए जिससे कि राज्य की नदियों में एक भी खनन माफिया वहां अवैध खनन करने के लिए अपने कदम आगे न बढा सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी राज्य के अन्दर से माफियागिरी को खत्म करने के संकल्प पर आगे बढ रहे हैं इसलिए अब उन पर नजरें हैं कि वह राज्य के हर जिले मे खनन स्पॉटो पर अगर पीएससी की पिकेट तैनात कर देंगे तो खनन माफियाओं का चला आ रहा माफियागिरी का खेल खत्म हो जायेगा और राज्य सरकार को हर माह करोडो रूपये का नुकसान भी नहीं झेलना पडेगा।

LEAVE A REPLY