धामी राज में बुजुर्ग को चार घंटे में मिला इंसाफ

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री ने बेहतर सरकार चलाने के लिए जनपदो ंमें धाकड अफसरों की तैनाती की हुई है और उसी के चलते आवाम को इंसाफ मिलने मे कोई कठिनाई नहीं हो रही है। गजब की बात है कि एक बुजुर्ग की जमीन पर कब्जा होने का मामला जैसे ही पुलिस कप्तान के सामने आया तो उन्होंने सख्त रूख अपनाते हुए बुजुर्ग की जमीन पर पूरे कब्जे को खाली कराने के लिए ऐसा हंटर चलाया कि जमीन कब्जाने वालों के हाथ-पैर फूल गये और उन्होंने लिखित में अपना अपराध कबूल किया और बुजुर्ग की जमीन को जो उन्होंने दबंगई से कब्जा करने का तांडव किया था उस कब्जे को उन्होंने कप्तान के आक्रामक रूख को देखते हुए चंद धंटो के भीतर ही खाली कर दिया। धामी राज में बुजुर्ग को मात्र चार घंटे के अन्दर जब इंसाफ मिला तो बुजुर्ग की आंखों से आंसू छलछला रहे थे और वह यह बोलने से नहीं चूका कि राजधानी के पुलिस कप्तान गजब के हैं जिन्होंने उनका दर्द सुनने के बाद खुद एक्शन लेते हुए उनकी जमीन पर हुये कब्जे को खाली कराकर उन्हें एक बडा इंसाफ दिला दिया। बुजुर्ग का कहना था कि उन्होंने अपने इतिहास में पहली बार ऐसा मुख्यमंत्री देखा है जिन्होंने अपने अफसरों को एक आम इंसान को इंसाफ दिलाने का साफ संदेश दिया हुआ है।
उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक सैनिक पुत्र हैं और वह अपने आपको राज्य का मुख्यमंत्री न मानते हुए आवाम का जनसेवक मानकर सरकार चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के डीएम व पुलिस कप्तानों को हर फरियादी की फरियाद सुनकर उसे न्याय देने का साफ संदेश दे रखा हैै। ऐसा ही एक मामला बीते रोज पटेलनगर के बडोवाला गांव का देखने को मिला जहां प्रेमनगर निवासी 7० वर्षीय बुजुर्ग गुरमेल सिंह की जमीन पर हो रखी बाउंड्री वॉल में लगे गेट का ताला तोडकर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था और वहां बजरी की कई ट्राली डालकर उसे अपना बताना शुरू कर दिया था। बुजुर्ग ने जनपद के पुलिस कप्तान अजय सिंह को सारी आपबीती बताई और कहा कि वह बुजुर्ग है और उसकी जमीन पर कब्जा कर उसे भयभीत किया जा रहा है कि वह यहां से चला जाये नहीं तो कब्जा करने वाली एक महिला अपने कपडे फाडकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा देगी। पुलिस कप्तान अजय सिंह ने बुजुर्ग को दिलासा दी कि राज्य के मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दे रखा है कि अगर किसी ने भी किसी की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की या कब्जा किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी। पुलिस कप्तान ने बुजुर्ग को चौकी आईएसबीटी भेजा और चौकी प्रभारी को साफ संदेश दिया कि अगर बुजुर्ग की जमीन पर किसी ने भी कब्जा किया है तो उसे यह सबक मिल जाना चाहिए कि उत्तराखण्ड में जमीनों पर कब्जे का कोई भी खेल नहीं कर सकता।
पुलिस कप्तान को गुरमेल सिंह ने अपनी जमीन के सारे दस्तावेज दिखाये और उसके बाद वह चौकी मे पहुंचा जहां कब्जा करने वाले चौकी प्रभारी को जमीन का कोई भी कागज नहीं दिखा पाये और जब पुलिस ने अपना सख्त रूख अपनाया तो बुजुर्ग की जमीन पर कब्जा करने वालों के हाथ पैर फूल गये और उन्होंने स्वीकारा कि उनके पास जमीन के कोई कागज नहीं है इसके बाद यह मामला जब पुलिस कप्तान को बताया गया तो कप्तान के सख्त रूख के बाद कब्जा करने वालों ने पुलिस को लिखित रूप में दिया और उसके बाद उन्होंने जमीन पर लगे पिल्लरों को भी हटाने की बात लिखी। शाम तक कब्जा करने वालों ने बुजुर्ग की जमीन से अपने कब्जे को पूरी तरह से हटा लिया जिसके बाद बुजुर्ग पुलिस कप्तान अजय सिंह की कार्यशैली को देखकर गदगद हो गया। बुजुर्ग ने पुलिस कप्तान को शुक्रिया कहा और यह भी कहा कि राजधानी के पुलिस कप्तान एक बेहतर पुलिस अफसर हैं जिनमें मानवता कूट-कूट कर भरी है और मात्र चार घंटे में उनकी जमीन से कब्जा हटवाकर यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शासनकाल में सरकार और सिस्टम राम राज की तरह आगे बढ रहा है।

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