सीएम की बडी पहल से अब सरकार चली गांव की ओर

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री की बडी सोच है कि सरकार गांव के विकास में एक ऐसी अलख जगाये जिससे कि उत्तराखण्ड के गंाव विकास की उस उडान पर उड चलें जिसकी राह वहां के हजारों गांववासी देखते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की गांव को एक नई उडान पर ले जाने का जो जज्बा देखने को मिल रहा है उसके चलते अब सरकार गांव की ओर चल पडी है। मुख्यमंत्री की बडी पहल से सरकार ने अब गांव में हो रहे विकास कार्यों को परखने व ग्रामीणों के साथ संवाद बनाने के लिए अपने लगभग 45 अपर सचिवों को पहाडों की ओर रवाना किया है जहां अपर सचिव दो दिन तक गांव मे रात्रि प्रवास करेंगे और ब्लॉको मे जाकर वहां वह विकास की उस सच्चाई को भी परखेंगे जिसके लिए सरकार ने वहां विकास का नया आयाम खडा करने की दिशा में अपने कदम आगे बढाये हैं। मुख्यमंत्री एक नई राजनीति की पटकथा लिख रहे हैं जिसे समझना न तो भाजपा के बडे-बडे राजनेताओं को समझ आ पायेगा और न ही विपक्ष को क्योंकि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के अन्दर हर चुनाव मे सिर्फ कमल खिलाने के विजन को लेकर ही उत्तराखण्ड में विकास की बयार बहा रहे हैं और सीधे आवाम से सरकार को रूबरू कराने के लिए वह सरकार को ही अब गांव की ओर ले चले हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक शैली को समझना उत्तराखण्ड में बहुत मुश्किल है क्योंकि उन्होंने राज्य बनने से पहले ही उत्तराखण्ड के अन्दर सरकारें किस रूप में चलती रही है उसका आईना खुद देखा है और उसी के चलते उन्हें इस बात का इल्म है कि सरकार को किस रूप मे आगे बढकर आवाम के दिलों को जीतना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने तीन साल के कार्यकाल में राज्य की जनता का दिल जीतने का जो हुनर दिखाया है उससे विपक्ष तो चारो खाने चित नजर आ रही है और राज्य की जनता का मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति को लेकर जो उनके मन में एक बडी सोच बनी है उसके चलते राज्य की जनता मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति की कायल हो रखी है। मुख्यमंत्री एक ऐसे राजनेता के रूप मे उभर कर सामने आये हैं जो सिर्फ हवाई दावे करके राज्य की जनता को हवा-हवाई सपने नहीं दिखाते बल्कि वह उन्हीं सपनों को राज्य की जनता के सामने रखते हैं जिसे वह जज्बे के साथ पूरा कर सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज जिस अंदाज में सरकार चला रहे हैं उससे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह भी खूब गदगद नजर आ रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री के तीन साल से अधिक के कार्यकाल में उन पर एक भी कोई दाग ऐसा नहीं लगा जिसके चलते विपक्ष यह ढोल पीटती कि मुख्यमंत्री के शासनकाल में सरकार भ्रष्टाचार के एजेंडे पर काम कर रही है?
मुख्यमंत्री ने हाल ही में सभी तेरह जनपदों में रात्रि प्रवास करने का संदेश राज्य की जनता को दिया और उन्होंने सबसे पहले बाबा केदारनाथ की धरती पर जाकर वहां दो दिन तक रात्रि प्रवास करने के दौरान वहां के लोगों के साथ उनकी समस्याओं को लेकर महापंचायत लगाई और जिस सादगी से वह की जनता से संवाद करते हुए नजर आये उससे वहां की जनता मुख्यमंत्री की यह देखकर कायल हो गई कि चुनाव जीतने के बाद अपना वायदा निभाने के लिए मुख्यमंत्री सबसे पहले बाबा केदारनाथ की धरती पर आये। अब मुख्यमंत्री ने एक बडी पहल करते हुए सरकार को गांव की ओर रवाना किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शासन के 42 से लेकर 45 अपर सचिवों को उत्तराखण्ड की 75 विकासखण्ड में हो रहे विकास कार्यों को लेकर वहां दो दिन तक रात्रि प्रवास करने के लिए रवाना किया है। बताया जा रहा है कि सभी अपर सचिव ब्लाक के किसी भी गांव मे जाकर वहां दो रात प्रवास करेंगे और गांववासियों के साथ महापंचायत लगाकर वह सरकार के द्वारा गावं मे हो रहे विकास कार्यों को लेकर सीधा संवाद करेंगे और यह देखेंगें कि सरकार ने जो योजनायें गांव के लिए लागू कर रखी हैं वह धरातल पर किस तरह से दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सचिवों को आदेश दिया है कि वह गांव में धरतल पर हो रहे विकास कार्यों की सच्चाई परखेंगे जिससे कि यह साफ हो सके कि सरकार गांव में विकास की जो बयार बहाने का सपना संजोए हुए है वह धरातल पर कितनी सच है।

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